पिटाई के मामले की जांच इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम कर रहे थे। आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय इंस्पेक्टर ने पीड़ित को ही कमाई का जरिया बना लिया। अलग-अलग तारीखों पर कभी 50 हजार तो कभी 25 हजार रुपये वसूले।
अलीगढ़ क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम को एसएसपी नीरज जादौन निलंबित कर दिया है। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराते हुए विभागीय जांच शुरू करा दी है। इंस्पेक्टर पर विवेचना के नाम पर एक लाख रुपये वसूलने का आरोप है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
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मामला इगलास क्षेत्र के आनंद विहार काॅलोनी से जुड़ा है। यहां के निवासी रामकुमार शर्मा के भाई की मार्च 2025 में हुई पिटाई के मामले की जांच इंस्पेक्टर महेश कुमार गौतम कर रहे थे। आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय इंस्पेक्टर ने पीड़ित को ही कमाई का जरिया बना लिया। अलग-अलग तारीखों पर कभी 50 हजार तो कभी 25 हजार रुपये वसूले। हद तो तब हो गई जब मिठाई की दुकान पर विधिक राय के नाम पर भी पांच हजार रुपये ले लिए।
पीड़ित का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊपर तक रुपये पहुंचाने की बात कहकर अलग-अलग चरणों में एक लाख रुपये लिए हैं। इसके अलावा कई बार होटलों में मुफ्त भोजन किया और महंगी मिठाइयां मंगवाईं। सात माह बाद भी विवेचना पूरी नहीं की। अब 40 हजार रुपये और मांग रहे थे, जिस पर उनके धैर्य का बांध टूट गया।
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वीडियो पर एसएसपी ने लिया कड़ा एक्शन
रिश्वतखोरी से तंग पीड़ित रामकुमार ने इंस्पेक्टर का वीडियो बनाकर एसएसपी के सरकारी (सीयूजी) नंबर पर भेज दिया। सबूत हाथ लगते ही एसएसपी नीरज जादौन ने सख्त रुख अपनाया। मामले में सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।