रेलवे जंक्शन के प्लेटफार्म तीन पर गुरुवार को पीडब्ल्यूडी के जेई की दुरंतों ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। जेई नोएडा के बादलपुर में तैनात था। रक्षाबंधन पर जवां स्थित तालिबनगर गांव आ रहा था। शुक्रवार को जेई के शव की शिनाख्त परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर की। जीआरपी ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बृजेश सिंह (35) पुत्र हेतराम मूल रूप से जवां के तालिबपुर में रहते थे। वर्तमान में वह नोएडा के चर्चित इलाके बादलपुर में पीडब्ल्यू़डी विभाग में बतौर जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे। गुरुवार को वह लोकल पैसेंजर ट्रेन में गाजियाबाद स्टेशन से अलीगढ़ जंक्शन आने को बैठे थे। यहां दोपहर 2:30 बजे करीब ट्रेन पहुंची तो वह पटरियों को पार कर दो नंबर प्लेटफार्म की ओर आने लगे। इसी दौरान तेज रफ्तार दुरंतों ट्रेन आ गई। इससे पहले की वो कुछ समझ पाते ट्रेन की चपेट में आने से शरीर के परखच्चे उड़ गए। यात्रियों की चीखपुकार पर जीआरपी पहुंची। जीआरपी ने शव की शिनाख्त के प्रयास किए। मगर, शिनाख्त नहीं हो सकी। इस पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया।
इधर, जब जेई घर नहीं पहुंचा तो परिजन उनकी तलाश करते हुए शुक्रवार को स्टेशन पर आए।
जीआरपी ने एक युवक के ट्रेन की चपेट में आने से मौत होने की जानकारी दी। इस पर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने शव की शिनाख्त की। मृतक के पिता हेतराम ने बताया कि बेटे की 2011 में अलीगढ़ जंक्शन के पूर्व स्टेशन अधीक्षक जीडी सिंह की बेटी अर्चना के साथ शादी हुई थी। बेटे की मौत से बहू सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। जीआरपी इंस्पेक्टर यशपाल सिंह के मुताबिक शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।