ड्यूटी नहीं लगने से परेशान संविदा परिचालक एवं कर्मी। संवाद
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्ती का असर रोडवेज बसों के संचालन पर पड़ने लगा है। बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाली बसों के एनसीआर में प्रवेश पर रोक के चलते बुद्ध विहार डिपो की 41 बसों का संचालन बंद हो गया है। बसें खड़ी होने से जहां कई रूटों पर संचालन प्रभावित हो रहा है, वहीं चालक और परिचालक भी काम नहीं मिलने से परेशान हैं।
बुद्ध विहार डिपो से पहले करीब 126 बसों का संचालन किया जा रहा था। इनमें से एनसीआर के रूटों पर चलने वाली 41 बसें फिलहाल खड़ी हैं। इन बसों के नहीं चलने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, वल्लभगढ़, पलवल, गुरुग्राम, दिल्ली और कौशांबी रूट प्रभावित हुए हैं। शनिवार को भी डिपो की वर्कशॉप में कई बसें खड़ी रहीं।
गौरतलब है कि बीएस-2 मानक वाली बसों के एनसीआर में आवागमन पर पहले से ही रोक है। अब बीएस-3 और बीएस-4 मानक वाली बसों पर भी प्रतिबंध लगने से रोडवेज के सामने संचालन की चुनौती बढ़ गई है। बसों के खड़े होने से उनके चालक और परिचालकों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है।
बुद्ध विहार डिपो की एआरएम रेनू ने बताया कि एनसीआर रूटों पर संचालन से बाहर हुईं 41 बसों को जल्द ही दूसरे रूटों पर लगाया जाएगा। एनसीआर के रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने के लिए बीएस-5 मानक वाली बसें भी मंगवाई जा रही हैं। नई बसें आने के बाद एनसीआर के रूटों पर संचालन दुरुस्त हो सकेगा।