इस हादसे में गाड़ी मालिक राकेश व ताजपुर निवासी कमलेश देवी भी घायल हुए हैं। दंपती अपने तीनों पुत्रों को घर पर छोड़कर गंगा स्नान करने के लिए गए थे। जैसे ही कस्बे में यह खबर पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। कस्बे के तमाम लोग उनके दरवाजे पहुंच गए।
छोटे-छोटे हैं दंपती के तीनों पुत्र
प्रेमपाल व मनोरमा के तीनों पुत्र शिवम (12), नितिन (10) और हिमांशु (7) बेसहारा हो गए हैं। दो साल पहले ही प्रेमपाल की मां प्रेमा देवी की अमृतपुर गांव के पास सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनके पिता गनपत सिंह का भी कई वर्ष पहले निधन हो चुका है। चाचा-चाची का ही सहारा बचा है।
एक ही चिता में हुआ पति-पत्नी का अंतिम संस्कार
करीब 15 वर्ष पहले प्रेमपाल व मनोरमा की शादी हुई थी। दोनों के शव को एक ही चिता में रखकर अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे शिवम ने दोनों के शव को मुखाग्नि दी।