पार्षद को हिरासत में लेने पर क्वार्सी थाने पहुंचे कोल विधायक अनिल पाराशर।
- फोटो : CITY OFFICE
क्वार्सी के बेगमबाग गली-1 में सोमवार शाम एक मजदूर की पिटाई के आरोपी पार्षद वीरेंद्र सिंह को थाने में बैठाए जाने पर भाजपाई भड़क गए। गिरफ्तारी की खबर पर शहर के दोनों विधायक व पार्षद एकत्रित होकर थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे के हंगामे के बाद शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर व तमाम भाजपा पार्षद और नेता आरोपी पार्षद को थाने से ले गए। इस बीच उनकी सीओ तृतीय से नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पार्षद के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी, जिसमें एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह द्वारा जमानत के बाद पार्षद को छोड़ा गया है।
वार्ड-27 के बेगमबाग मोहल्ले की गली-2 में रहने वाले पीड़ित कन्हैया लाल गोस्वामी व उसके परिवार के साथ पार्षद व उसके पुत्र व समर्थकों द्वारा सोमवार शाम को मारपीट कर घर का सामान फेंक दिया था। कन्हैया लाल द्वारा दी गई तहरीर पार्षद वीरेंद्र सिंह, उनके पुत्रों धीरेंद्र प्रताप, गिरीश और रोहन के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया। इधर, मंगलवार को जिलाधिकारी-एसएसपी द्वारा की जा रही समीक्षा बैठक में यह मामला उठा तो एसएसपी ने थाना क्वार्सी इंस्पेक्टर से नाराजगी जताते हुए पार्षद की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। इस पर पुलिस ने दोपहर में पार्षद वीरेंद्र सिंह के घर दबिश दी और पूछताछ के नाम पर थाने लाया गया। सूचना पर दोपहर बाद शहर विधायक, कोल विधायक, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत समेत तमाम भाजपाई व पार्षद थाने पर पहुंच गए।
उन्होंने वीरेंद्र को हिरासत में लेने पर नाराजगी जताई। इस दौरान सीओ तृतीय अनिल समानिया से भी जमकर नोकझोंक हो गई। काफी देर चले हंगामे का बाद विधायक आरोपी पार्षद को अपने साथ ले गए। सीओ अनिल समानिया के मुताबिक पार्षद के खिलाफ धारा 151 की कार्रवाई की गई थी, जिसमें एसीएम द्वारा दी गई जमानत के आधार पर उसे छोड़ गया।
एसएसपी मुनिराज जी ने कहा कि मामले में जो भी तथ्य हैं, उनकी जांच के लिए एसपी सिटी को जांच सौंपी गई है। यह सही है कि पार्षद को थाने लाया गया था और एसीएम की जमानत के बाद शांति भंग में रिहा किया गया है। रहा सवाल थाने में घटनाक्रम का तो वह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
---