शासन ने बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए पेटर्न पर परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत आदेश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 14 मार्च से 21 मार्च के बीच वार्षिक परीक्षा होगी। इसके लिए जिले को 23 लाख की धनराशि आवंटित की गई है।
छात्र-छात्राओं में पठन-पाठन के प्रति और शिक्षकों में मूल्यांकन के प्रति पैदा हो रही शिथिलता को समाप्त करने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से प्रदेश के बेसिक शिक्षा के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नई परीक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसमें कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की दो सत्रीय परीक्षाएं अगस्त व दिसंबर, अद्धवार्षिक वार्षिक परीक्षा अक्तूबर और वार्षिक परीक्षा मार्च में होगी।
इसमें मौखिक परीक्षाएं भी होंगी। कक्षा एक में केवल मौखिक परीक्षा होगी। इसके बाद की कक्षाओं में लिखित, मौखिक परीक्षाएं होंगी। इस संबंध में कई बिंदुओं पर व्यापक शासन ने दिशा निर्देश दिए हैं। उनके अनुपालन में बेसिक शिक्षा परिषद जुट गई है। इसी क्रम में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा 14 मार्च से 21 मार्च तक कराने का फैसला किया है। इस परीक्षा का बजट भी तय कर दिया गया है।
पूरे प्रदेश में इस पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि अलीगढ़ में 23 लाख रुपये खर्च होंगे। इस बारे में शिक्षा निदेशक (बेसिक शिक्षा) ने बीएसए को आदेश दिए हैं। इसमें यह निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा को किस तरह से संपन्न कराया जाएगा। कहां पेपर रखे जाएंगे, किस तरह से इनका वितरण और फिर कैसे उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन होगा। इस बारे में भी स्पष्ट कई दिशा निर्देश दिए गए हैं।
धनराशि आवंटित होेने के बाद यहां बेसिक शिक्षा विभाग ने परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। बीएसए का कहना है कि नए दिशा निर्देशों के तहत शासन के आदेशों का पालन करते हुए परीक्षाएं कराई जाएंगी। इसकी तैयारी कराई जा रही है।