कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए हर स्तर पर एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। इसी क्रम में देश-विदेश से लौट रहे अपनों की निगरानी का जिम्मा गांव में ग्राम प्रधान व शहर में वार्ड समिति-बीट सिपाही को सौंप दिया गया है।
ऐसे लोगों की सूची बनाई जा रही है और उन्हें घरों में कैद रहने की हिदायत दी जा रही है। जो लोग पिछले एक पखवाड़े में विदेश से लौटे हैं, वह अगर खुद सूचना नहीं देंगे तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई का आदेश जारी किया गया है।
यह निर्णय पलायन के बाद बने हालात पर काबू पाने के लिए लिया गया है। इधर, लॉकडाउन के आठवें दिन जिले में सोमवार को भी आठ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
इन तमाम विषयों पर सोमवार को मंडललायुक्त जीएस प्रियदर्शी-डीआईजी डॉ.प्रीतिंदर सिंह ने मंडल भर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कर उनको आदेश-निर्देश जारी किए। इस बैठक में मंडल स्तर के स्वास्थ्य व अन्य महकमों के सभी अधिकारी मौजूद रहे।
दूसरी ओर आज से पुलिस प्रशासन के साथ ही एलआईयू की टीम भी बाजार में खाद्य सामग्री की कालाबाजारी करने वालों पर निगाह रखेगी। डीएम ने मोहल्लावार कमेटी गठित कर ऐसे लोगों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें सरकारी राशन कार्ड की सुविधा नहीं मिल रही।
इन लोगों को राशन कार्ड के साथ ही राशन और तत्काल में भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही सरकारी सहायता राशि का भी लाभ दिया जाएगा। वहीं, सब्जियों की दरों की नई सूची भी जारी की गई है।
ग्राम प्रधानों को बिंदुवार दिशा-निर्देश
1. गांव से बाहर काम करने वालों पर पैनी नजर रखें।
2. गांव में फेरी वालों समेत अन्य बाहरी लोगों को न आने दें।
3. गांव में विदेश से लौटे व्यक्तियों की जानकारी तत्काल दें।
4. ग्रामीण अपने रिश्तेदारों को न बुलाएं, खुद भी किसी रिश्तेदारी में न जाएं।
5. गांव में कोई सामूहिक चौपाल न लगे।
6. बच्चों को घर से बाहर न खेलने दें।
7. गांव में किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक एवं अन्य आयोजन न होने दें।
8-शादी, तिलक, मुंडन, भागवत कथा आदि जैसे कार्यक्रम स्थगित रहेंगे।
8. ग्रामीण हर हाल में मास्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
9. खेतों में काम करने के दौरान आपस में दूरी बनाए रखने का ध्यान रखें।
10. खेतों में काम करने के लिए शहर से मजदूरों को न बुलाएं।