राहुल कुमार, अलीगढ़।
कोरोना महामारी के दौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी अलीगढ़ में बड़ा झटका लगा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में पिछले दो सालों के मुकाबले 80 से 85 फीसदी वाहन ही बिके। इस आंकड़े से ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग परेशान हैं। वहीं, नये वित्तीय वर्ष में वाहनों की बिक्री कम होने से संभागीय परिवहन कार्यालय में अधिकारी और कर्मचारी भी राजस्व को लेकर परेशान हैं, क्योंकि शासन राजस्व प्राप्ति पर जोर दे रहा है।
संभागीय परिवहन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो साल 2020 के जनवरी और फरवरी में वाहनों की बिक्री अच्छी हुई। जनवरी में 11345 और फरवरी में 6023 के बाद मार्च में कारोबार ने बूम पकड़ते हुए 11361 वाहनों की बिक्री हुई। इसके बाद लॉकडाउन लागू होने के चलते शोरूम बंद हो गए। मई में शोरूम खुले। मगर, वाहनों की बिक्री रफ्तार नहीं पकड़ पाई। दिवाली पर वाहन बिक्री की रफ्तार जरूर बढ़ी मगर वह भी इतनी ज्यादा नहीं हुई कि पिछली साल की बिक्त्रस्ी के बराबर पहुंच सके।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में 90482 निजी और 3415 व्यावसायिक वाहन बिके, जबकि 2019-20 में 145764 निजी और 8627 व्यावसायिक वाहनों की बिक्री हुई। इससे पहले 2018-19 में 124356 निजी और 6771 व्यावसायिक वाहनों की बिक्री हुई थी।
लर्निंग लाइसेंस बंद होने का भी असर
वाहन बिक्री पर कोरोना के चलते लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया बंद होने का भी असर पड़ा। दरअसल, अभिभावक बच्चों को वाहन दिलाने से बचते नजर आए। लाइसेंस न होने पर चालान का डर उनको सताने लगा। स्कूल, कालेज भी कोरोना काल में पूरी तरह से बंद रहे, इसके चलते भी अभिभावकों ने अपने बच्चों को नये वाहन नहीं दिलाए।
- कोरोना काल के चलते नये वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज हुई है। इस साल बिक्री के जोर पकड़ने की आशंका थी। मगर, कोरोना की दूसरी लहर के चलते नये वित्तीय वर्ष के पहले माह अप्रैल में भी बिक्री अधिक नहीं है। इससे विभाग को राजस्व प्राप्ति में भी नुकसान हो रहा है। - रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन
इस प्रकार घटी बिक्री
वर्ष निजी वाहन ट्रांसपोर्ट वाहन
2020-21 90482 3415
2019-20 145764 8627
2018-19 124356 6771
2017-18 87085 4937