सरकारी दफ्तरों में फैल रहे कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक पहल की गई है। एसएसपी और डीएम दफ्तर में आने वाले फरियादियों को पहले अपना कोरोना टेस्ट कराना होगा। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उनको संबंधित अधिकारी के समक्ष भेजा जाएगा। अगर, रिपोर्ट में वह व्यक्ति संक्रमित पाया जाता है तो उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह व कोविड 19 के लिए जिले में नामित नोडल अधिकारी अपर निदेशक जल जीवन मिशन उत्तर प्रदेश ने स्वास्थ्य व प्रशासनिक अमले से जिले की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में सीडीओ ने मंगलवार को संक्रमित मिले 66 मरीजों को अस्पतालों में भेजने की जानकारी दी। कोरोना कंट्रोल रूम प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि मरीजों की लगातार डुप्लीकेसी हो रही है। डीएम ने नाराजगी प्रकट करते हुए सीएमओ को निर्देश दिए इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाए। डीएम ने बताया कि कलक्ट्रेट व एसएसपी कार्यालय पर जनसुनवाई के लिए आने वाले लोगों की कोरोना की जांच होगी। संक्रमित फरियादी को तत्काल लक्षण के आधार पर एल-1 व एल-2 हॉस्पिटल में भर्ती किया जाएगा। दोनों कार्यालय पर स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम मौजूद रहेगी। वहीं, एल-1 हॉस्पिटल छेरत व एल-2 हॉस्पिटल दीन दयाल के मजिस्ट्रेटों को लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहने के लिए निर्देशित किया गया।