सोमवार की रात अतरौली के अवंतीबाई चौराहा स्थित कोविड एल-1 अस्पताल की खिड़की से कूदकर एक कोरोना संक्रमित भाग निकला। वह एक लड़की को बहलाकर ले जाने के मामले में आरोपी है। उसके भागने की खबर से अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। अतरौली पुलिस ने उसे अलीगढ़ से पकड़ लिया गया।
अतरौली के इस कोविड एल-1 अस्पताल में 50 मरीज भर्ती हैं। इन्हीं के साथ पिसावा के गांव सहजपुरा निवासी जावेद उर्फ भूरा पुत्र शमीम खां को भी भर्ती कराया गया था। जावेद पर एक लड़की को बहलाकर ले जाने का आरोप है। 10 दिन पहले ही लड़की को बरामद कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। जावेद की तबियत खराब होने पर लोधा में क्वारंटीन कराने के साथ जांच कराई गई थी। कोरोना संक्रमित मिलने पर 26 जून को उसे अतरौली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सोमवार की रात करीब 10 और 11 बजे के बीच जावेद गेट के ऊपर लगी खिड़की का शीशा खोलकर नीचे उतरा और भाग निकला। मंगलवार की सुबह कर्मचारी मरीजों को नाश्ता देने पहुंचे तब उसके भागने की खबर लगी। सूचना मिलते ही एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, सीओ प्रशांत सिंह व एसएसआई रितेश कुमार, कस्बा चौकी इंचार्ज अरविंद सिंह, एसआई रवेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए।
एसआई मो. यासीन, सिपाही मो. रजा आदि दो टीमों में खोजबीन में जुट गए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे जावेद को अलीगढ़ में पकड़ लिया गया। उसे पुन: अतरौली के अस्पताल में भर्ती कराने के साथ महामारी एक्ट में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पुलिस नहीं थी अस्पताल में ड्यूटी पर
अस्पताल में मरीजों की रखवाली और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात रहती है, मगर सोमवार की रात पुलिस मौजूद नहीं थी। इसी का फायदा उठाकर मुजरिम भाग निकला था। कर्मचारियों ने पुलिस कर्मियों के रात्रि ड्यूटी से नदारद रहने के फोटो भी अधिकारियों को उपलब्ध कराए हैं। इसके बाद अस्पताल परिसर में गश्त के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है।
खिड़की से उतरकर आरोपी जंगल के रास्ते बाहर निकल गया था। पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। लापरवाही के लिए जो दोषी होंगे उन कार्रवाई होगी। अस्पताल में सुरक्षा के लिए अब पर्याप्त संख्या में फोर्स मौजूद रहेगा। -प्रशांत सिंह, सीओ।