देहली गेट की गली कुरैशियान के कोरोना पॉजिटिव घोषित हुए एक मरीज ने जेल भेजे जाने के डर से स्वास्थ्य टीम के साथ आइसोलेशन सेंटर जाने से इंकार कर दिया और गायब हो गया। जब पुलिस सख्ती से पेश आई तो कुछ लोग विरोध में आ गए और हंगामा हो गया। देर रात मोहल्ले के कुछ संभ्रांत लोगों की मदद से उसे वापस बुलाया गया।
वाकया इस तरह है कि शाम सात बजे के बुलेटिन में जब छह कोरोना पॉजिटिव मरीज घोषित हुए तो उनमें से 2 मरीज पहले से क्वारंटीन थे, उन्हें आइसोलेशन सेंटर भेज दिया गया। बाकी छह देहली गेट इलाके के थे, जिन्हें पुलिस के साथ स्वास्थ्य टीमें लेने उनके घर पहुंचीं। इस दौरान पांच मरीज तो घरों पर ही मिल गए और टीम के कहने पर चले गए। उनके परिवार वाले भी चले गए।
छठवां 52 वर्षीय कुरैशियान की चाबी वाली गली का एक मरीज साथ जाने के बजाय घर से गायब हो गया। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो कुछ लोग विरोध में आ गए और हंगामा हो गया। बाद संभ्रांत लोगों को आगे कर एक घंटे के प्रयास के बाद उसे मोहल्ले में ही छिपा होने पर तलाशने में सफलता हासिल हुई। उसकी वहां से फोन पर आइसोलेशन सेंटर में भरती अन्य मरीजों से बात कराई। तब वह जाने को तैयार हुआ।
इस दौरान उसने स्वीकारा कि कुछ लोगों ने यह कह दिया था कि उसे जेल भेजा जाएगा। इस डर से वह गायब हो गया था। इंस्पेक्टर देहली गेट ने स्वीकारा कि करीब दो घंटे के प्रयास के बाद उसे खोजकर आइसोलेशन सेंटर भेजा गया है। वह घर में अकेला ही रहता है। उसकी शादी भी नहीं हुई है।