इस धारा के तहत किसी भी महिला के साथ अश्लील हरकत करने, यौन उत्पीड़न करने, दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला दर्ज किया जाता है। इस मामले में भी इसी धारा के तहत कार्रवाई की गई है।
ये मामला पूरी तरह से दुष्कर्म का नहीं है, लेकिन दुष्कर्म का प्रयास (महिला के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़) का मामला बना है। इसलिए पुलिस ने इन धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आरोपी ने प्राथमिक कबूलनामा भी किया
पुलिस अधिकारियों की मानें तो आरोपी तुफैल ने प्राथमिक पूछताछ में ही अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार किया है। हालांकि पुलिस का ये कहना कितना सही है, ये अदालत की सुनवाई और मुकदमे की पैरवी के दौरान ही पता चलेगा।
डीएम ने दिखाई तत्परता
इस पूरे प्रकरण में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की तत्परता और निष्पक्षता सामने आई। उन्होंने तत्काल एसीएम द्वितीय, सीओ द्वितीय और स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की टीम को मौके पर भेज कर जांच कराई। जांच के बाद जब आरोप सिद्ध होता दिखा तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज करा कर आरोपी डॉक्टर को जेल भेजा गया।