फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़: कैमरे में कैद हुई करतूत, बिना पीपीई किट पहने बुरी नियत से संक्रमित युवती के पास पहुंचा था डॉ. तुफैल

Thu, 23 Jul 2020 12:30 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
विज्ञापन
मामले की जांच करने पहुंचे अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

अलीगढ़ स्थित पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में युवती के साथ अश्लील छेड़छाड़ करने वाले हड्डीरोग विशेषज्ञ डॉ. तुफैल अहमद की करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। 

विज्ञापन


शिकायत मिलने के बाद जांच करने पहुंचे एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह ने सबसे पहले सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग को खंगाला। लोग यह देखकर भी हैरान हैं कि डॉक्टर बिना पसर्नल प्रोटेक्शन किट पहने हुए युवती के पास पहुंचा था।

हालांकि शुरू में पासवर्ड को लेकर परेशानी हुई, लेकिन उसका समाधान तुरंत खोज लिया गया। अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी अधिकारी अपने साथ ले गए हैं। अधिकारियों को पुख्ता सबूत हाथ लगने से डॉ. तुफैल अहमद के खिलाफ कार्रवाई आसान हो गई। 
विज्ञापन


यही कारण है कि देखते-देखते डॉ. तुफैल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी डॉ. मुनिराज जी का कहना है कि पूछताछ में अभियुक्त द्वारा घटना का इकबाल किया गया है। 

सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि डॉ. तुफैल की ड्यूटी रात 10 बजे से सुबह तक थी। वह बिना पीपीई किट पहने वार्ड में गए थे।

विज्ञापन

क्या है 376 धारा की उपधारा 2 घ

इस धारा के तहत किसी भी महिला के साथ अश्लील हरकत करने, यौन उत्पीड़न करने, दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला दर्ज किया जाता है। इस मामले में भी इसी धारा के तहत कार्रवाई की गई है। 

ये मामला पूरी तरह से दुष्कर्म का नहीं है, लेकिन दुष्कर्म का प्रयास (महिला के प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़) का मामला बना है। इसलिए पुलिस ने इन धाराओं में मामला दर्ज किया है। 

आरोपी ने प्राथमिक कबूलनामा भी किया
पुलिस अधिकारियों की मानें तो आरोपी तुफैल ने प्राथमिक पूछताछ में ही अपने ऊपर लगे आरोप को स्वीकार किया है। हालांकि पुलिस का ये कहना कितना सही है, ये अदालत की सुनवाई और मुकदमे की पैरवी के दौरान ही पता चलेगा। 

डीएम ने दिखाई तत्परता
इस पूरे प्रकरण में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की तत्परता और निष्पक्षता सामने आई। उन्होंने तत्काल एसीएम द्वितीय, सीओ द्वितीय और स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी की टीम को मौके पर भेज कर जांच कराई। जांच के बाद जब आरोप सिद्ध होता दिखा तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज करा कर आरोपी डॉक्टर को जेल भेजा गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें