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मरीजों के मन से निकाल देते हैं कोरोना का खौफ

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डाक्टर एसके सिंघल - फोटो : AMAR UJALA
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अलीगढ़। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. एसके सिंघल अपने घर में पिछले 3 महीने से अलग रहते हैं। अपने कमरे में पत्नी और डॉक्टरी की पढाई कर रहे बेटे को नहीं आने देते। चीन के बुवान प्रांत से निकलकर कोरोना वायरस पूरी दुनिया को चपेट में ले लिया है। यह वायरस 87000 से अधिक लोगों को निकल चुका है। लाखों लोग संक्रमित हैं और जिंदगी एवं मौत से जूझ रहे हैं। देश में संक्रमित लोगों की संख्या 5000 का आंकड़ा पार कर चुका है। करीब डेढ़ सौ लोग प्राण गवां चुके हैं। भय और संसाधनों के अभाव के बीच डॉ एसके सिंघल और इनके जैसे हजारों योद्धा कोरोना से बहादुरी से जंग लड़ रहे हैं। अलीगढ़ के पंडित दीनदयाल चिकित्सालय को कोरोना हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया है। इसके आइसोलेशन वार्ड में 3 महीने से डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और सफाई कर्मी देश-विदेश से आए संदिग्ध मरीजों को उपचार दे रहे हैं। डॉक्टर सिंघल चीन, इटली, ईरान, सऊदी अरब, थाईलैंड, रूस, बैंकॉक सहित विभिन्न देशों से आए 36 संदिग्ध मरीजों का उपचार कर चुके हैं। अलीगढ़ के लिए राहत की बात यह है कि अभी तक एक भी पॉजिटिव मरीज सामने नहीं आया है। डॉक्टर सिंघल सबसे पहले मरीजों के मन से कोरोना के भय को निकालने का प्रयास करते हैं। उनका कहना है कि वायरस से संक्रमित 80 से 85 प्रतिशत मरीज अपने आप ठीक हो जाते हैं। वह कहते हैं कि सामाजिक दूरी बनाकर रखें, कोरोना वायरस किसी को छू नहीं पाएगा।
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डाक्टर एसके सिंघल - फोटो : AMAR UJALA
डाक्टर एसके सिंघल
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