पहली मई से लागू कोरोना कर्फ्यू में शराब और बीयर की दुकानें बंद है। अब कोरोना कफ़्र्यू बढ़ने पर इनको सील करा दिया गया है ताकि कालाबाजारी न हो सके। इधर, विभागीय अधिकारियों के पास कालाबाजारी की शिकायतों की लाइन लग गई है।
आईआरजीएस पोर्टल के माध्यम से आबकारी विभाग के पास स्थानीय स्तर पर हर महीने लगभग 50 शिकायतें आ रही हैं। जिसमें अधिकांश शिकायतें चोरी छिपे और नकली शराब बेचने की हैं। जांच में शिकायतकर्ता साक्ष्य नहीं दे रहे हैं तो कई मामलों में उनके फोन नंबर गलत मिल रहे हैं।
जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा ने बताया कि 30 अप्रैल तक शराब और बीयर के ठेकेदारों ने माल नहीं उठाया था, एक मई से कोरोना कर्फ्यू लग गया। इसलिए दुकानों में माल बहुत कम बचा है। कालाबाजारी की अधिकांश शिकायतें झूठी साबित हो रही हैं।
कुछ शिकायतें शराब की दुकानें मंदिर या स्कूल के पास खोलने की होती है। नियमानुसार शहर में 50 मीटर और देहात में 100 मीटर की दूरी पर मंदिर या स्कूल नहीं होना चाहिए। उनकी जांच कर शिकायतकर्ता को संतुष्ट किया जा रहा है। फिलहाल, सभी दुकानों को सील करा दिया गया है।
शराब की दुकानें खोली जाएं : विनोद पांडेय
कांग्रेस नेता विनोद पांडेय ने कहा कि जब सरकार ने शराब की बोतलों पर 20, 40 और 80 रुपये का कोविड सेस लागू किया है तो दुकानें क्यों नहीं खोली जा रही हैं। इन दुकानों को खोला जाए तो कालाबाजारी रुक सकती है। अगर हर तरह का कारोबार खोला जा सकता है तो आवश्यकता को देखते हुए इन दुकानों को भी खोला जाए, नहीं तो लाखों रुपये की लाइसेंस फीस देने वाले ठेकेदारों को नुकसान होगा। पिछले वर्ष कोरोना काल में बंद रही दुकानों की लाइसेंस फीस को लेकर अब तक अदालत के फैसले का इंतजार है।