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धर्मांतरण प्रकरण- उमर के एएमयू आने-जाने के ‘सबूत’, पर कभी छात्र नहीं रहा

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एएमयू में एक आयोजन में शामिल उमर गौतम। - फोटो : CITY OFFICE
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धर्मांतरण कराने के आरोपों में एटीएस द्वारा नोएडा से गिरफ्तार किए गए उमर गौतम कभी एएमयू का छात्र नहीं रहा। इस बात का खंडन खुद एएमयू इंतजामिया ने पुराने रिकार्ड की जांच के बाद किया है। हां, इतना जरूर है कि उसके एएमयू आने और कैनेडी हॉल में आयोजित कार्यक्रमों में शरीक होने की पुष्टि हुई है, जिनके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं और कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर मौजूद हैं। इस आधार पर एजेंसियां अब इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि उसके अलीगढ़ में किन लोगों से क्या रिश्ते थे। उन लोगों को भी जांच की जद में लिया जा सकता है।
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एटीएस ने दो दिन पहले नोएडा से उमर गौतम व उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है। जिन पर अब तक काफी संख्या में लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोप है। खुद उमर ने भी अपना धर्म परिवर्तन किया है। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही उसके अलीगढ़ कनेक्शन की बात उजागर हो गई थी। एडीजी प्रशांत कुमार ने भी प्रेस कांफ्रेंस में उसके अलीगढ़ कनेक्शन की बात स्वीकारी थी। खुद उमर ने भी अलीगढ़, देवबंद, सहारनपुर व दिल्ली में अपने कनेक्शन बताए हैं। इसी बीच एएमयू से जुड़ाव पर जब मामला सुर्खियों में आया तो एएमयू ने इस बात का सिरे से खंडन किया है।
एसएएमयू के प्रोग्राम में एएमयू आया उमर
उमर गौतम को लेकर एक ऐसा वीडियो यू-ट्यूब पर मौजूद है। जिसमें वह एएमयू के कैनेडी ऑडीटोरियम में एसएएमयू की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुआ है। हालांकि यह वीडियो 2013 के बाद का बताया जा रहा है। कुछ लोग इसे 2017 का बता रहे हैं।
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अलीगढ़ में किसका होना था धर्मांतरण
एजेंसियां कानपुर के युवक से मिली जानकारी के आधार पर उस युवक तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं, जिसका धर्मांतरण होने की बात सामने आई है। हालांकि अभी तक एजेंसियों के पास उसका सिर्फ फोटो है। उसी फोटो के आधार पर यहां गोपनीय ढंग से जानकारी की जा रही है।
एएमयू प्रॉक्टर ने कहा, उमर नहीं रहा एएमयू छात्र
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली कहते हैं कि जिस उमर की चर्चा की जा रही है, वह कभी भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का छात्र नहीं रहा है। हमने अपने सारे रिकॉर्ड खंगाल लिए हैं। कहीं से भी उसके छात्र होने के संबंध में कोई जानकारी हासिल नहीं हुई है। रही बात उसके विश्वविद्यालय में आने जाने और कार्यक्रम में भाग लेने की तो, विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित करने वाले किसी को भी आमंत्रित कर सकते हैं और वह संबोधन कर सकता है, लेकिन विश्वविद्यालय को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि उमर नाम का यह व्यक्ति किस कार्यक्रम में और कब आया है। जहां तक शादी विवाह करने और कराने का सवाल है तो विश्वविद्यालय का संबंध शिक्षण और शिक्षा देने के कार्य तक सीमित रहता है। किसी के व्यक्तिगत जीवन में लिए गए फैसले और उसके आधार पर बनी स्थितियों पर विश्वविद्यालय का कोई भी अधिकार नहीं है। अगर वह व्यक्ति कोई गलत कार्य करता है तो कानून अपना काम करेगा।
-एटीएस जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि उमर गौतम जोकि धर्मांतरण रैकेट का मुख्य आरोपी है, उसका गहरा नाता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से रहा है। यहां के फिलॉसफी विभाग के अंतर्गत आने वाले कंपैरेटिव रिलीजस स्टडीज के तहत इस प्रकार के आयोजन कराए जाते रहे हैं। वर्ष 2013 में कैनेडी ऑडिटोरियम के अंदर उमर गौतम द्वारा एक लेक्चर दिया था। मेरी मांग है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जो भी सक्रिय संगठन या व्यक्ति विशेष उमर गौतम से जुड़े हुए हैं। उनकी भी गहन जांच हो।
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डॉ. निशित शर्मा, पूर्व छात्र एएमयू, युवा भाजपा नेता
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