जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि जनहित से जुड़ी विकास परियोजनाओं में लापरवाही या अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। कलक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली अपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने धीमी प्रगति वाले कार्यों में जिम्मेदारी तय कर संबंधित ठेकेदारों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने भूमि के अभाव में लंबित परियोजनाओं के लिए उप जिलाधिकारियों से समन्वय कर शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने और न्यायालय में लंबित मामलों की प्रभावी पैरवी करने को कहा। साथ ही आवंटित धनराशि का समयबद्ध उपयोग कर उपयोगिता प्रमाण-पत्र भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में अतरौली पुनर्गठन पेयजल योजना, डिफेंस कॉरिडोर जलापूर्ति, नगर निगम सीमा विस्तार पेयजल योजना, डीडीयू चिकित्सालय की क्रिटिकल केयर यूनिट, साइबर क्राइम थाना भवन, जल निकासी के कार्य, अकराबाद बस स्टेशन, फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट, एटा चुंगी फ्लाईओवर और रामघाट-कल्याण मार्ग के चौड़ीकरण सहित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई।