घटना में जो कार प्रयोग में लाई गई, वह एक फरार अपराधी के बुलंदशहर निवासी के ससुर की है। घटना के दिन सभी अपराधी अकराबाद में मौजूद थे। दिन में राजेश, अपने भाई प्रमोद व बेटे सौरभ संग तगादे पर निकले थे। उन्होंने प्रमोद को अकराबाद में ही छोड़ दिया था और पिता-पुत्र विजयगढ़ तक तगादा करने गए। वहां से वापसी में उन्होंने प्रमोद को फिर से गाड़ी में बैठाया। अकराबाद से कौड़ियागंज के लिए चलते ही काले रंग की अर्टिका उनके पीछे लग गई थी।
घटनास्थल पर जब घेरकर फायरिंग की तो पहली गोली से कार का शीशा टूटा और फिर दूसरी गोली सीधे राजेश की गर्दन पर सटाकर मारी गई। इसके बाद अपराधी सौरभ से रुपयों
का बैग व उसके पिता व ताऊ का मोबाइल लेकर भाग गए। एसएसपी ने बताया कि पुलिस को गिरफ्तार आरोपी कमल अग्रवाल के मोबाइल से उसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें वह शाकिर से हत्या को लेकर बातचीत कर रहा है, जबकि कमल के भाई धीरज के मोबाइल से घटना के वक्त लगातार शाकिर को फोन करके यह पूछा जा रहा था कि घटना हुई या नहीं।
एसएसपी के अनुसार फिलहाल कमल अग्रवाल के अलावा हत्या में शामिल रहे बाइक सवार शूटर रफीक पुत्र जुम्मन खां निवासी तालसपुर देहली गेट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना के समय रफीक बाइक पर पीछे से आया था और इसने ही पहली गोली चलाकर गाड़ी का शीशा तोड़ा था। बाकी की तलाश जारी है। सभी पर गैंगेस्टर आदि में कार्रवाई की जाएगी।
अब तक की जांच में पता चला है कि शाकिर ने बरेली के जिन अपराधियों को इस काम के लिए बुलाया था, उन पर भी बरेली में अपराध दर्ज हैं। पुलिस के पास फिलहाल फरार अपराधियों में कमल के भाई धीरज व शाकिर के नाम हैं। बाकी नाम शाकिर ही बताएगा। इस गिरफ्तारी टीम में एसओ अकराबाद सुनील सिंह के अलावा एसओजी इंचार्ज छोटेलाल, सर्विलांस इंचार्ज अभय शर्मा, राकेश, दुर्विजय आदि शामिल रहे।
शाकिर बताएगा सुपारी की सही रकम, रफीक को मिले 20 हजार
एसएसपी के अनुसार अभी तक पूछताछ में कमल अग्रवाल ने स्वीकारा है कि उसने शाकिर को 6 लाख रुपये ऑफर किए थे। मगर सही रकम की जानकारी शाकिर ही देगा। उसे कितने रुपये मिले और कितने मिलने थे। उसे आगे कितने रुपये देने थे। वहीं गिरफ्तार किए गए शूटर रफीक ने इतना बताया है कि शाकिर ने उसे 20 हजार रुपये दिए थे। बाकी रकम की जानकारी भी वही देगा।
बेटे के सामने मारी गोली, फिर ले गए 2.30 लाख
एसएसपी ने बताया कि घटना के समय जब हमलावरों ने गाड़ी रुकवाई तो गाड़ी चला रहे राजेश के बेटे सौरभ ने ड्राइवर साइड का शीशा उतार दिया। इस पर एक हमलावर पिस्टल लेकर उसकी तरफ आया। इस पर सौरभ ने यह समझा कि लुटेरे हैं तो उसने उसे रुपयों का थैला यह कहते हुए देने की कोशिश की कि मारो मत रुपये ले जाओ। मगर बदमाश ने रुपये लेने से इंकार करते हुए सौरभ की ओर से ही हाथ बढ़ाकर राजेश की गर्दन में गोली उतार दी। इसके बाद बदमाश रुपयों का बैग ले गए। उसमें कुल 2.30 लाख रुपये थे। साथ ही उसके पिता व ताऊ का मोबाइल ले गए, जबकि सौरभ का मोबाइल छोड़ गए। जिसके जरिये पुलिस को सूचना दी गई।