4 दिसंबर को नुमाइश के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों और सेवाओं के लिए भी ठेके जारी किए जाएंगे, जिनमें सर्कस स्थल, लाउडस्पीकर व्यवस्था,विज्ञापन सेवाएं, बिजली की सजावट (लाइटिंग), ठेका वाहन स्टैंड, लाल ताल बोटिंग, होर्डिंग स्थल, पक्की दुकानों के मलबे का ठेका आदि शामिल हैं।
आगामी 16 जनवरी से शुरू होने वाली ऐतिहासिक अलीगढ़ नुमाइश (प्रदर्शनी) की तैयारियों के बीच, तहबाजारी (स्टॉल, दुकानों का शुल्क) के ठेके की न्यूनतम बोली (सरकारी बोली) को पिछले साल के मुकाबले 50 लाख रुपये बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
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पिछले वर्ष तहबाजारी का ठेका 2.50 करोड़ रुपये में गया था, लेकिन नुमाइश प्रशासन ने राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से इस बार न्यूनतम बोली 3 करोड़ रुपये रखी है। चार दिसंबर को होने वाली ठेके की इस प्रक्रिया में तीन बड़ी फर्मों के शिरकत करने की संभावना है। बोली लगाने के लिए अमरोहा, बुलंदशहर और हिमाचल प्रदेश की फर्मों के प्रतिनिधियों के अलीगढ़ आने की उम्मीद है।
यह ऑफलाइन बोली की आखिरी प्रक्रिया हो सकती है। नुमाइश प्रशासन ने अगले वर्ष से सभी ठेकों की प्रक्रिया को जेम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। यह कदम प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
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तहबाजारी की बोली के साथ ही 4 दिसंबर को नुमाइश के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों और सेवाओं के लिए भी ठेके जारी किए जाएंगे, जिनमें सर्कस स्थल, लाउडस्पीकर व्यवस्था,विज्ञापन सेवाएं, बिजली की सजावट (लाइटिंग), ठेका वाहन स्टैंड, लाल ताल बोटिंग, होर्डिंग स्थल, पक्की दुकानों के मलबे का ठेका आदि शामिल हैं।
नुमाइश में तहबाजारी सहित अलग-अलग ठेकों की नीलामी चार दिसंबर को होगी। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। - किंशुक श्रीवास्तव, एडीएम सिटी