सरकार की गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व व बाद में सुपोषित खाना देने की योजना फ्लाप साबित हो रही है। सरकारी तंत्र की नाक के नीचे सरकारी मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल में ही गर्भवती महिलाएं दूषित खाना खा रही हैं। पिछले दिनों एफडीए द्वारा अस्पताल में खाना परोसने के जिम्मेदार ठेकेदार की मैस से लिए गए हल्दी के नमूने की जांच में यह नमूना फेल हो गया है। अब ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है।
मोहन लाल गौतम महिला चिकित्सालय में डालचंद गवर्नमेंट ठेकेदार के नाम से मानिक चौक निवासी डालचंद का अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिलाओं को खाना व नाश्ता दिए जाने का ठेका है। यह सरकारी ठेका 97 रुपये प्रतिदिन प्रति डायट के हिसाब दिया गया है। इसमें गर्भवती महिला एवं उसके एक तीमारदार को खाना देना होता है।
खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 12 जून को ठेकेदार की मैस से हल्दी पाउडर का नमूना भरा था। जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि लखनऊ प्रयोगशाला की जांच में हल्दी पाउडर का नमूना फेल हो गया है। इसमें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बटर यलो कलर पाया गया है। इस मामले में ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा कराने की तैयारी है।
गर्भवती महिलाओं का मैन्यु
-सुबह दलिया
-दोपहर-एक दाल, एक सब्जी, चार रोटी व चावल
-रात-एक दाल, एक सब्जी, चार रोटी व चावल
अप्रैल से अब तक के तीन माह में कार्रवाई का ब्यौरा
-कुल निरीक्षण-399, कुल छापे-60, कुल सैंपल-81, जांच रिपोर्ट-41, अधोमानक व मिस ब्रांड सैंपल-22, अनसेफ-चार नमूने
जून में कार्रवाई का ब्यौरा
-कुल निरीक्षण-25, कुल छापे-नौ, कुल सैंपल-18, जांच रिपोर्ट-दो, अधोमानक व मिस ब्रांड सैंपल-1, अनसेफ-0