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देश के सारे कानूनों की मां है संविधान, सभी करें इसका सम्मान

Wed, 27 Nov 2019 02:07 AM IST
राजेश सिंह अमर उजाला ब्यूूराे
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मैं और मेरा संविधान कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों के साथ अतिथि। - फोटो : Amar Ujala
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 ‘मैं और मेरा संविधान’ पर जागरूकता कार्यक्रम में कानूनविदों ने विद्यार्थियों को संविधान में प्रदत्त अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी दी। अपर आयुक्त शमीम अहमद, अपर जिला जज द्वितीय महेशानंद झा, एसपी क्राइम डॉ. अरविंद, न्यायाधीश तूलिका बंधु, एएमयू के लॉ डिपार्टमेंट के डीन प्रो. शकील समदानी ने कानून का पाठ भी पढ़ाया। प्रो. समदानी ने कहा कि भारतीय संविधान सारे कानूनों की मां है। डीएस कॉलेज के सभागार में अमर उजाला और पाठशाला क्लासेज की ओर से ‘मैं और मेरा संविधान’ पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया। इसके बाद विभिन्न स्कूलों में संविधान पर कराई टेस्ट सीरीज में टॉप करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। 
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इस मौके पर द अलीगढ़ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश बाबू गुप्ता, सचिव अनूप कौशिक, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित, ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल श्याम कुंतैल, विश्व भारती स्कूल के प्रबंधक मनोज जादौन, निधि शर्मा, प्रो. शकील अहमद, पाठशाला क्लासेज से अमर वार्ष्णेय, पवन वार्ष्णेय, मानवेंद्र आदि थे।


संविधान को मानें, समझें : शमीम अहमद
अपर आयुक्त (प्रशासन) शमीम अहमद ने कहा कि नई पीढ़ी को कानून की जानकारी होनी चाहिए। हर नागरिक भारतीय संविधान को मानें, समझें, पालन करें और इसे अपने जीवन में उतारें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कानून को ऊंचा बनाए रखें। उनसे छात्र दिव्यांश ने सवाल भी पूछा, जिसका उन्होंने जवाब भी दिया। बोले, अभिभावकों को अपने बच्चों पर अपनी इच्छा नहीं थोपनी चाहिए। वह जो पढ़ना चाहें, उन्हें पढ़ने देना चाहिए। विद्यार्थियों को 8-10 घंटे पढ़ना चाहिए। खासतौर से अखबार में संपादकीय। उसे न कि पढ़ना चाहिए, बल्कि लिखना भी चाहिए। 
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मौलिक अधिकार व कर्तव्य को जानें : महेशानंद झा
अपर जिला जज द्वितीय महेशानंद झा ने कहा कि भारतीय संविधान का प्रारूप दो साल 11 महीने 18 दिन में बनकर तैयार हुआ, जिसे 26 नवंबर 1949 को प्रस्तुत किया, जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। संविधान के मौलिक अधिकार व कर्तव्य को सभी को जानना चाहिए। 


मौलिक कर्तव्य से जीवन होगा अच्छा : तूलिका बंधु
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तूलिका बंधु ने कहा कि मौलिक अधिकार व मौलिक कर्तव्य को जानने से जीवन अच्छा होगा। उन्होंने संविधान पर बनी पांच मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखायी।


मौलिक अधिकार व कर्तव्य का बनाएं संतुलन : डॉ. अरविंद
एसपी क्राइम डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि दुनिया के कई देशों में लिखित व अलिखित संविधान है। कई देशों के संविधान के अंश भारतीय संविधान में शामिल है। उन्होंने कहा कि मौलिक अधिकार व मौलिक कर्तव्य का संतुलन बनाकर चलना चाहिए। बच्चों को इन कर्तव्यों के बारे में अभिभावकों को बताना चाहिए।



संविधान से ही चलती है सत्ता: समदानी
एएमयू के लॉ डिपार्टमेंट के डीन प्रो. शकील समदानी ने कहा कि संविधान देश का महत्वपूर्ण व पवित्र डॉक्यूमेंट होता है। इसी संविधान से ही सत्ता चलती है। धार्मिक व संस्कृति की रक्षा करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के टॉप-5 में भारतीय संविधान है। संविधान इतना नपा-तुला बनाया गया, जिसे क्षीण करना आसान नहीं है। प्रो. समदानी को पाठशाला क्लासेज की ओर से लीगल एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया।
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