सिपाही आठवीं मंजिल में रहता था। 16 मार्च की रात वह कमरे में सोए थे, लेकिन 17 मार्च की सुबह वह कमरे में नहीं मिले। उनकी खोजबीन हुई। 17 मार्च की रात उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में देवेंद्र की मृत्यु आठवीं मंजिल से गिरकर होने से बताई जा रही है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव तकीपुर निवासी 38 वर्षीय देवेंद्र पाल सिंह उर्फ सोनू पुत्र स्व. नरेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में अयोध्या में मौत हो गई। मृतक देवेंद्र ट्रैफिक पुलिस में सिपाही था। सिपाही का शव पुलिस लाइन के नवनिर्मित बहुमंजिला भवन के पास मिला। वह इसी भवन की आठवीं मंजिल पर रहता था। इससे पहले देवेंद्र की तैनाती फिरोजाबाद में थी। शव 17 मार्च को सुबह लगभग 4 बजे पुलिस लाइन में मिला।
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद सुरक्षा हेतु अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। बड़ी संख्या में यातायात पुलिस के जवान भी उपलब्ध लगाए गए हैं। इसी कड़ी में गत 17 फरवरी से देवेंद्र भी वहां ड्यूटी कर रहे थे। वह 2006 में पुलिस में भर्ती हुए थे। 16 मार्च की रात वह कमरे में सोए थे, लेकिन 17 मार्च की सुबह वह कमरे में नहीं मिले। उनकी खोजबीन हुई। 17 मार्च की रात उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में देवेंद्र की मृत्यु आठवीं मंजिल से गिरकर होने से बताई जा रही है।
गांव में उनकी माता कमलेश देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक देवेंद्र छ: भाइयों में दूसरे नंबर का था। बडे भाई लोकेंद्र पाल सिंह भी यूपी पुलिस में दारोगा हैं। उनकी तैनाती मुजफ्फर नगर में है। इनके पिता नरेंद्र कुमार पुलिस विभाग में थे, जिनकी हृदयगति रुकने से 2006 में मृत्यु हो गई थी। मृतक की पत्नी सीमा बच्चों के साथ आगरा में रहती है। 18 मार्च की देर शाम वह भी गांव पहुंच गई। मृतक ने दो बेटे, दो बेटी को रोते बिलखते छोडा है। देर रात तक शव गांव नहीं आया।