मिर्जापुर में यूपी पुलिस की डायल-100 सेवा में तैनाती के दौरान वाहन चोरी गैंग चलाने वाले जिला पुलिस में तैनात सिपाही को एसएसपी ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह सिपाही अपराध में संलिप्त रहने के कारण मिर्जापुर से यहां प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया गया था। यहां तैनाती के बाद से गैर हाजिर था। जांच में पता चला कि वह जेल भी गया और जमानत पर छूटकर भी आया। मगर इसने वापस अपनी आमद नहीं कराई। जांच के आधार पर इसे पदच्युत किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मूल रूप से जौनपुर का रहने वाला सिपाही प्रमोद राय वर्ष 2019 में मिर्जापुर में तैनाती के दौरान चौपहिया वाहन चोरी कराने और उन्हें फर्जी कागजों के आधार पर बेचने के आरोप में गैंग सरगना के रूप में जेल भेजा गया था। इस अपराध में जमानत पर छूटकर आने के बाद उसका प्रशासनिक आधार पर मिर्जापुर से अलीगढ़ तबादला किया गया। यहां पुलिस लाइन से सितंबर 2020 में उसे विशेष संदेशवाहक के रूप में सोनभद्र, कानपुर नगर, सुल्तानपुर, फतेहपुर जनपद रवाना किया गया। इसके बाद उसे 9 अक्तूबर 2020 को वापस आमद दर्ज करानी थी। मगर बिना अनुमति या अवकाश के वह आज तक लौटकर नहीं आया। लंबी गैरहाजिरी पर दिसंबर 2020 में उसे निलंबित कर जब जांच शुरू कराई तो पाया गया कि उस पर मिर्जापुर के कटरा थाना में वाहन चोरी मामले में गैंगेस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ। उसमें वह जेल गया और जमानत पर भी छूटकर आया। मगर उसने वापस आमद नहीं कराई। इससे महकमे की छवि धूमिल करने का दोषी पाया गया। इस आधार पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है।