जैसे-जैसे चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे जिले में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर घमासान तेज हो गया है। जीत के लिए इस चुनाव में भी दावेदारों ने अपनेे-अपने हिसाब से समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया है। ऐसे में काफी बीडीसी सदस्य तो दमदार दावेदारों के सेफ हाउस में पहुंच भी गए हैं। बात यदि राजनीतिक दलों की करें तो अभी तक बसपा ही इस चुनाव में सभी ब्लॉकों में प्रत्याशी घोषित पाई है।
सपा को चार ब्लॉकों में प्रत्याशी नहीं मिल रहे, तो भाजपा महज एक ब्लॉक में ही प्रत्याशी घोषित कर सकी है। रालोद और कांग्रेस ने चुनाव से पहले ही हथियार डाल दिए हैं। जानकारों की मानें तो यह चुनाव काफी हद तक दलगत न होकर दावेदारों के दमखम पर निर्भर करेगा। ऐसे में दुश्मन के दुश्मन दोस्त हो गए हैं और यह माना जा रहा है कि सभी ब्लॉकों में सीधी टक्कर बसपा से ही रहेगी। कई ब्लॉकों में बड़े नेताओं के अपनों का ही कब्जा है। आरक्षण से कुछ नेताओं का गणित गड़बड़ाया है।
धनीपुर से पूर्व ब्लॉक प्रमुख तेजवीर सिंह की पत्नी स्नेह जादौन, अकराबाद से मुकेश कुमार, गंगीरी से अंगूरी देवी, बिजौली से उर्मिला देवी सूर्यवंशी, अतरौली से शशांक कौशिक, गोंडा से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू के रिश्तेदार प्रदीप सिंह, लोधा से चर्चित प्रत्याशी गिरीश यादव, इगलास से रवेंद्र पाल सिंह और एमपी सिंह ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने के लिए आवेदन किया है। जवां, चंडौस, खैर और टप्पल से उम्मीदवार जल्द ही तय हो जाएंगे। -अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष।
सभी सीटों पर उम्मीदवार तय हैं। जल्द ही बसपा अपने प्रत्याशी घोषित कर देगी। इस चुनाव में जिला पंचायत की तरह विजयी मिलेगी।अरविंद आदित्य, बसपा जिलाध्यक्ष।
अतरौली में केहरी सिंह भाजपा के प्रत्याशी हैं। बाकी जगहों पर बीडीसी नहीं मिल रहे हैं। - नत्थी सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा।
ये चुनाव भी जिला पंचायत के चुनाव की तर्ज पर ही धन बल और बाहुबल का है। इसलिए कांग्रेस इस चुनाव में सक्रिय नहीं है। - चौ. विजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
कुछ सदस्य चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन ये धनबल का चुनाव है, इसलिए पार्टी के नाम पर इसको लेकर कुछ कहना सही नहीं है। - ठा. दलवीर सिंह, रालोद विधान मंडल दल के नेता