अस्पतालों में भर्ती होने वाली प्रसूताओं को मानक के अनुसार नाश्ता और भोजन नहीं मिल पा रहा है। यूं तो उन्हें नाश्ते में दूध, फल, मक्खन, दही, अंडा दिया जाना चाहिए। लेकिन नाश्ते में केवल पानी जैसा दलिया मिल रहा है। न तो उन्हें दूध दिया जाता है और न ही फल। सीएमएस का कहना है कि गाइडलाइन के मुताबिक नाश्ता और खाना दिया जाना चाहिए। अगर नहीं दिया जा रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय और मोहनलाल गौतम महिला जिला अस्पताल में प्रसूताओं को रात के खाने में भी केवल दाल और दो रोटी दी जाती हैं। नियमानुसार प्रसूता को बदल-बदल कर मौसमी सब्जी दी जानी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। महिलाओं ने बताया कि अगर किसी को ज्यादा भूख लगती है तो उसे दोबारा रोटी नहीं दी जाती है।
नाश्ते में ब्रेड-मक्खन, दूध, अंडा, दही, मौसमी फल नहीं मिला है।
-गुलफ्शा
नाश्ते में ब्रेड-मक्खन नहीं मिला है। पतला सा नमकीन दलिया मिलता है।
-प्रीति
भोजन में मौसमी फल मिलना चाहिए, लेकिन नहीं मिलता है।
-पिंकी
घर से खाना मंगाना पड़ता है। दूध, अंडा, ब्रेड-मक्खन नहीं मिला है।
-आसिया
प्रसूताओं को मेन्यू के हिसाब से नाश्ता और भोजन दिए जाने का प्रावधान है। अगर मेन्यू के हिसाब से नाश्ता और भोजन नहीं दिया जा रहा है तो उसकी जांच कराएंगे। संबंधित से जवाब तलब भी करेंगे।
-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय
प्रसूताओं को नाश्ता और भोजन दिया जा रहा है। गाइडलाइंस में जो नाश्ता और भोजन है, उसी के अनुरूप दिया जा रहा है। अगर इसमें लापरवाही बरती जा रही है, तो जांच कराएंगे।
-डॉ. तैयब, सीएमएस, मोहनलाल गौतम जिला अस्पताल