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Deen Dayal Hospital: पैर में फ्रैक्चर, डेढ़ घंटे किया इंतजार, स्ट्रेचर नहीं मिला तो घिसटकर पहुंचे एक्सरे कराने

Thu, 15 May 2025 03:54 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

Aligarh News: सफेदपुरा निवासी सचिन ने बताया कि दो घंटे के बाद तो पर्चा ही बना। ओपीडी कक्ष संख्या छह में दिखाने पहुंचे तो डॉक्टर ने वहां से भगा दिया और कहा कि यह उनकी ओपीडी का मामला नहीं है। फिर से उन्हें डेढ़ घंटे दूसरी ओपीडी के बाहर कतार में लगना पड़ा।
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डॉक्टर के इंतजार में जमीन पर ही लेट गया मरीज - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Aliagrh Hospital News: अलीगढ़ में क्वार्सी निवासी मोहित कुमार के दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया, वह एक्सरा कराने के लिए बुधवार को दीन दयाल अस्पताल पहुंचे। डेढ़ घंटे तक उन्होंने इंतजार किया, लेकिन स्ट्रेचर नहीं मिला, इसके बाद किसी तरह से घिसटते हुए वह खुद एक्सरे रूम में पहुंचे।

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चिकित्सा सेवाओं की बदहाली यह तस्वीर 14 मई को सवा नौ बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में साफ नजर आई। मोहित कुमार लड़खड़ाते, घिसटते एक्सरे रूम की ओर जा रहे थे। उन्होंने बताया कि क्या करें, स्ट्रेचर नहीं मिली। मजबूरी में इस तरह से जाना पड़ रहा है।
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सुबह आठ बजे से डीडीयू में पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की भीड़ लगी थी। ओपीडी में करीब 1300 मरीज आए थे।डॉ. अनिल कुमार मौर्य के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। सुबह नौ बजे से सुबह 11 बजे तक कतार में लगे गभाना के रामप्रकाश (55) की तबीयत बिगड़ गई। ब्लडप्रेशर बढ़ने से वहीं कुर्सी पर ही लेट गए। गर्मी की वजह से तीन मरीजों की हालत भी बिगड़ गई। पांच मरीज ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ने से जमीन पर ही लेट गए।

सफेदपुरा निवासी सचिन ने बताया कि दो घंटे के बाद तो पर्चा ही बना। ओपीडी कक्ष संख्या छह में दिखाने पहुंचे तो डॉक्टर ने वहां से भगा दिया और कहा कि यह उनकी ओपीडी का मामला नहीं है। फिर से उन्हें डेढ़ घंटे दूसरी ओपीडी के बाहर कतार में लगना पड़ा।

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मोबाइल से बना रहा पर्चा

सुबह 10 बजे एक युवक को मरीज घेरे हुए थे। वह मोबाइल से ऑनलाइन पर्चा बना रहा था। जल्दी पर्चा बनवाने के चक्कर में कुछ मरीजों ने पर्चा बनवा लिया। कुछ ने मना कर दिया। बोले- इससे ऑनलाइन ठगी हो सकती है।
नसों की परेशानी है, इसलिए डॉक्टर को दिखाने आई थीं। पर्चा बनने में डेढ़ घंटे लगा। कुछ युवक ऑनलाइन पर्चा भी बना रहे थे, जो गंभीर विषय है।-मुक्ता अग्रवाल, हरदुआगंज
मेरी उम्र 70 साल की है। मुझे बुखार है, उसका उपचार कराने आया था, लेकिन इलाज के नाम पर दो घंटे से टहलाया जा रहा है। अब जा रहे हैं।-रामपाल सिंह, सिकंदराराऊ
अस्पताल में स्ट्रेचर की सुविधा है। अगर मरीज को स्ट्रेचर नहीं मिला है, तो यह गंभीर मसला है। मरीज न देखने वाले डॉक्टर से जवाब-तलब किया जाएगा। ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए किसी को नहीं रखा गया है।-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, डीडीयू
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