यूरिया की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही। महिलाओं को रक्षाबंधन के त्योहार पर मायके जाने से पहले उन्हें खाद की चिंता सताती रही। दो बोरी पाने के लिए दिनभर महिलाएं लाइन में लगी रहीं। दोपहर बाद तो हंगामा कर दिया।
मशीन में लोड नहीं आने के कारण वितरण देरी से शुरू हुआ था। सभी किसानों को शांति पूर्वक ढंग से उपलब्ध यूरिया वितरित किया गया।- हरिराज सिंह, सचिव
मेरा भाई सेना में हैं वह छुट्टी लेकर आए हैं। भाई घर पर मेरा इंतजार कर रहे हैं लेकिन मैं यूरिया के चक्कर में मायके नहीं जा पाई।- शीला देवी, मधूपुर
सुबह सोचा कि जल्दी लाइन में लग जाएंगे तो खाद मिल जाएगा। इसके बाद मायके चले जाएंगे। लेकिन उसका कोई फायदा नहीं हुआ।- केला देवी, शेखूपुर
सरकार ने मायके जाने के लिए बसों में किराया मुफ्त किया है, लेकिन दूसरी ओर खाद नहीं मिल रहा तो मायके नहीं जा पा रहे।- पूजा देवी, मधूपुर
मेरा भाई मुझे बुलाने आया था। लेकिन खाद के कारण हम नहीं जा सके। तो वह यहीं से ही राखी बंधवाकर लौट गया।- मुन्नी देवी, चौमुहां
धान में खाद की बेहद जरूरत है। प्रशासन अब यूरिया लगातार भेज रहा है इसे समय से समितियों पर भेजते तो इतनी भीड़ नहीं होती। - माधुरी, सूरतगढ़