अलीगढ़ जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज में सड़े गले आलू का अब फेंके या गड्ढों में दबाए नहीं जाएंगे। बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बनने वाले इस प्लांट में सड़े-गले आलू से कंपोस्ट खाद तैयार करना होगा। जिसका रिकॉर्ड रखकर संचालक किसानों में बेंच सकेंगे। इसके लिए संचालक विषय विशेषज्ञों की सलाह लें कर कार्य करेंगे। यह आदेश उद्यान विभाग के प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने सूबे के सभी जिलाधिकारी व जिला उद्यान अधिकारी को आदेश जारी किया है।
शीतगृहों में सड़ने वाले आलू या फल को अब न तो बाहर फेंका जाएगा और न ही उसे गड्ढों में दबाया जाएगा। बल्कि नए आदेशों के तहत संचालक दो माह के भीतर प्लांट में वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। जिससे इन सड़े गले आलू का खाद बना कर किसानों को उपलब्ध कराया जा सके। - शिवानी तोमर, डीएचओ
जिले के शीतगृहों में ज्यादा तर आलू रखे जाते हैं। बहुत ही विषय परिस्थितियों में आलू सड़ते हैं। उसके पीछे का सबसे मुख्य कारण चैंबर खराब होना होता है। कुछ संचालक सड़े आलू का कंपोस्ट बनाते है। सरकार की ओर से दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। - गिर्राज गोदानी, जिलाध्यक्ष, अलीगढ़ कोल्ड स्टोरेज आर्नस एसोसिएशन