अतरौली में निरीक्षण करते प्रमुख सचिव।
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जिले के नोडल अधिकारी एवं पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने शनिवार को सीडीओ अनुनय झा के साथ अतरौली में अलग-अलग तीन निरीक्षण किए। सबसे पहले वह अतरौली के एल-1 कोविड हास्पिटल पहुंचे। यहां कई दिनों से लगातार शौचालयों में पानी भरने की समस्या आ रही थी, सफाई कर्मियों ने बताया कि यहां पेयजल आपूर्ति के लिए लगाए गए सबमर्सिबल पंप से बालू आ रही है जिसकी वजह से सीवर जाम हो रहे हैं। इस पर बालू आने की समस्या को दूर करने को कहा गया।
सीएमएस ने बताया कि कोरोना संक्रमितों का पता लगाने के लिये नगरीय क्षेत्र के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी डोर-टू-डोर सर्वे चल रहा है। जिले में दो बार संभावित कोरोना संक्रमितों को चिन्हित करने के लिये डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग हुई है। एल-वन हॉस्पिटल से 16 कोरोना संक्रमितों को एल-टू हास्पिटल में रेफर किया गया, जहां से स्वास्थ्य होकर वह घर जा चुके हैं। एल-वन हास्पिटल में वर्तमान में 69 संक्रमित व्यक्तियों का इलाज चल रहा है। 16 संक्रमित व्यक्ति निजी हास्पिटल में हैं। पीपीई किट एवं मास्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। 188 चिकित्सकों के सापेक्ष 56 चिकित्सकों की ही तैनाती है। चिकित्सालय में सीवेज की समस्या को दूर कर दिया गया है। बायोमेडिकल वेस्ट अलीगढ़ से मथुरा भेजा जा रहा है। कांट्रेक्ट टेस्टिंग इंटरव्यू के आधार पर की जाती है, संतोषजनक न होने पर सीडीआर से टेस्ट करते हैं।
एसडीएम अतरौली पंकज कुमार ने बताया कि चिकित्सकों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। जब एक शिफ्ट की ड्यूटी पूरी हो जाती है तो उन्हें सक्रिय क्वारंटीन करते हुए दूसरी शिफ्ट के चिकित्सकों की तैनाती की जाती है। अब आमजन में भी जागरूकता आई है और लोग आगे आकर जानकारी दे रहे हैं कि व्यक्ति को खांसी, बुखार, जुकाम आदि के लक्षण हैं। साथ ही प्रमुख सचिव द्वारा आरोग्य सेतु एप एवं चिकित्सकों की आवश्यकताओं की भी जानकारी ली गयी। चिकित्सालय में कोविड हेल्प डेस्क का संचालित होना पाया गया। चिकित्सालय में साफ-सफाई एवं अन्य सभी व्यवस्थाएं सही पाई गयीं।
अतरौली में प्रमुख सचिव को डोर टू डोर सर्वे के चिह्न दिखाते सीडीओ। - फोटो : CITY OFFICE