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मुआवजा-गिरफ्तारी को लेकर केला नगर जाम, हंगामा

Wed, 10 Aug 2016 01:41 AM IST
अमर उजाला/ ब्यूरो
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मुआवजा-गिरफ्तारी को लेकर केला नगर जाम, हंगामा - फोटो : महीपाल ‌सिंह
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जीवनगढ़ में सोमवार रात कबाड़ व्यापारी की हत्या के प्रकरण में मुआवजा और आरोपियों की गिरफ्तारी के मुद्दे ने मंगलवार दुपहर तूल पकड़ लिया। जनाजा लेकर निकली भीड़ ने केला नगर चौराहे पर जनाजा रखकर जाम लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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जमकर नारेबाजी के बीच लाठी-डंडे लहराए गए और ईंट-पत्थर तक एकत्रित कर लिए। जिसे देख एक बारगी पुलिस के हाथ पांव फूल गए। कई थानों का फोर्स चौराहे पर पहुंच गया और विधायक जमीरउल्लाह व एसओ क्वार्सी भी पब्लिक के बीच पहुंच गए। बमुश्किल रोती-बिलखती महिलाओं व गुस्साई भीड़ को समझाकर जनाजा उठवाया गया, तब जाकर हंगामा शांत हुआ। इस बीच कई बार उत्पातियों के स्तर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी की गई।
वाकया सोमवार देर रात का है, जब जीवनगढ़ गली नंबर एक निवासी कबाड़ व्यापारी इरशाद मोहल्ले में ही चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी जौहराबाग इलाके का युवक जफरुल वहां आया और इरशाद से रंगदारी में रुपये मांगने लगा। जब मना किया तो तमंचे से उसके सिर में गोली मार दी। रात में ही इरशाद की मेडिकल से ले जाते समय मौत हो गई। इस मामले में देर रात नामजद मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। सुबह शव पोस्टमार्टम के बाद घर लाया गया।
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दोपहर करीब तीन बजे जब जनाजा कब्रिस्तान ले जाया जा रहा था, तभी जीवनगढ़ से केला नगर चौराहे पर आते ही लोगों ने जनाजा सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। वहां परिवार व इलाके की तमाम महिलाएं भी आ गईं। यहां नामजद की गिरफ्तारी और दस लाख रुपये मुआवजे की मांग उठी। लोगों का कहना था कि इरशाद परिवार का इकलौता कर्ता-धर्ता था। अब परिवार व बच्चों की देखरेख के लिए मुआवजा बेहद जरूरी है।
यहां चौराहे पर करीब आधा घंटे तक पब्लिक ने जमकर हंगामा किया और कई बार जनाजा उठाने का प्रयास करने पर पुलिस से नोकझोंक व खींचतान तक हुई। बाद में विधायक जमीरउल्लाह व एसओ विनोद यादव ने भीड़ के बीच घुसकर लोगों को समझाया। तब जाकर मामला शांत हुआ और जनाजा उठवाया गया। बाद में क्वार्सी फार्म स्थित कब्रिस्तान में जनाजा सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शाम को सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक भी पीड़ित के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
अकेले एसओ ने लिया लोहा.. कौने में खड़े रहे दरोगा
क्वार्सी थाने के तमाम दरोगा व एसओ मौके पर पहुंच गए। लोगों में इस कदर गुस्सा था कि किसी की हिम्मत अंदर जाने की नहीं हो रही थी। चौकी इंचार्ज व एसएसआई भीड़ से दूर मूकदर्शक बनकर ऐसे खड़े थे, जैसे वह कोई मेला देखने आए हैं। एसओ विनोद यादव ने बमुश्किल भीड़ के अंदर घुसकर लोगों को विधायक की मदद से समझाते हुए जनाजा उठवाया और जब कुछ खुराफातियों ने जनाजे को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने हाथ में डंडा लेकर सख्ती दिखाई। तब जनाजा आगे बढ़ सका।
आए दिन की हरकतों से फूटा पब्लिक का गुस्सा
इरशाद की हत्या तो एक बहाना है। जीवनगढ़ में इस तरह की हरकतें आए दिन का किस्सा हैं। जिसे लेकर मंगलवार दोपहर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना था कि इलाके में पुलिस भी ऐसे खुराफातियों को नहीं टोकती। चौकी इंचार्ज से कहो तो वह टालमटोल कर देते हैं। रात को चाय के होटलों पर इस तरह के खुराफाती लोगों से रंगदारी वसूली करते रहते हैं।
कब्रिस्तान से लौटने पर भी जाम..पुलिस हुई सख्त
अलीगढ़। केला नगर से जनाजा कब्रिस्तान जाने के बाद वहां से लोगों के लौटने पर भी पब्लिक आक्रोशित हो गई। कब्रिस्तान से लौटते ही भीड़ हंगामा करते हुए केला नगर की ओर बढ़ी तो दुकानें दहशत में बंद हो गईं। उधर से महिलाएं भी केला नगर पर पहुंच गईं। इस पर पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। पुलिस से तीखी नोकझोंक व धक्कामुक्की तक हो गई। इसी बीच सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक भी अपनी टीम के साथ वहां पहुंच गए थे, उन्होंने हाथ जोड़-जोड़कर भीड़ को हटाया। हुआ यूं कि जनाजा पहले विधायक ने उठवाकर कब्रिस्तान भेज दिया था। इस पर कुछ लोग खफा थे, जैसे ही शव सुपुर्द-ए-खाक करने के बाद पब्लिक लौटी तो फिर से केला नगर पर भीड़ जमा होेने लगी। चूंकि पुलिस वहां पहले से मौजूद थी। एसओ क्वार्सी, एसओ बन्नादेवी लोगों को केला नगर से जीवनगढ़ की ओर अंदर भेजने में लगे थे। इसे लेकर वहां हंगामी स्थिति बन गई। लोगों में धक्का-मुक्की नोकझोंक से लाठियां तक फटकारनी पड़ीं। इसी बीच सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष आशीष मोहन यादव, महानगर अध्यक्ष पंकज यादव, नूरुल हसन आदि पहुंच गए। उन्होंने लोगों को वहां से जैसे-तैसे वापस घरों को भेजा।
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