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मारपीट की जांच के लिए एसवी कॉलेज में बनी समिति

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श्री वार्ष्णेय कॉलेज के शिक्षक संकाय विभाग (बीएड) के प्रशिक्षु मो. शमशेर आलम द्वारा एक प्रोफेसर पर लगाए गए मारपीट और लहूलुहान करने के आरोपों को चीफ प्रॉक्टर डॉ. महेंद्र चंद्र वार्ष्णेय ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि छात्र हर घंटे और हर दिन अपना बयान बदल रहा है। ऐसा लग रहा है कि विभागीय राजनीति के चलते छात्र ने प्रोफेसर को फंसाने का षड़यंत्र रचा हो। आंतरिक रिपोर्ट के लिए प्राचार्य ने समिति गठित कर दी है।
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चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि प्रशिक्षु मो. शमशेर आलम 20 तारीख को विभाग में नैक के निरीक्षण से पहले चल रही शाम की मीटिंग में पहुंचे थे और अपने साथ बाहर मारपीट होने की जानकारी दी। इस दौरान शिक्षक बैठक छोड़कर बाहर गए और दुकानदारों से वार्ता की, जिन्होंने मारपीट न होने की जानकारी दी। तसल्ली के लिए विभागाध्यक्ष शर्मिला शर्मा ने तहरीर दिलवाने के लिए कहा।
इस पर डॉ. बीपी पांडेय, डॉ. योगेंद्र बेचैन, रवेंद्र राजपूत और डॉ. मनोज कुमार अचलताल चौकी पहुंचे। जहां छात्र ने लिखकर तहरीर दी कि मुझे एक लड़का बुलाकर ले गया और मारपीट करने लगा। चौकी प्रभारी ने कांस्टेबल को मौके पर भेजा। कांस्टेबल ने सवाल किया कि तुम्हारे पास मोबाइल है तो फिर किसी से मदद क्यों नहीं मांगी। पर वह जवाब नहीं दे सका। इसके बाद छात्र ने अगले दिन बयान बदलकर तहरीर दी है। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. पंकज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि आंतरिक रिपोर्ट के लिए समिति गठित कर दी है।
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