प्रशासनिक अफसरों की गाड़ी से नीली बत्ती हटवाने के शासनादेश अब तक जिलों में नहीं पहुंचा हो, लेकिन स्थानीय अफसरों ने इसका अनुपालन शुरू कर दिया है। कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा एवं डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने अपनी-अपनी गाड़ियों से नीली बत्तियां हटवा दीं। इधर, मेयर शकुंतला भारती ने भी अपनी लाल बत्ती हटा ली है। कई अन्य अफसरों ने भी उनका अनुसरण किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने नीली बत्ती के दुरुपयोग को देखते हुए फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, सशस्त्र बलों के वाहन और पुलिस को छोड़कर प्रशासनिक अफसरों को भी नीली व लाल बत्तियों का उपयोग करने से वंचित कर दिया है।
आदेश का पहले ही दिन जनपद के अफसरों में खासा असर नजर आया। सबसे पहले कमिश्नर सुभाषचंद शर्मा, एडीए उपाध्यक्ष निशा गोयल, सीडीओ डीएस सचान, एडीएम सिटी एसबी सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विमल कुमार ने अपनी गाड़ी से नीली बत्ती हटवा दी।
सुबह दफ्तर पहुंचते ही डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने भी अपनी तथा एस्कोर्ट गाड़ी की नीली बत्ती हटवा दी। हालांकि घर से दफ्तर तक के रास्ते में उनकी दोनों गाड़ियों पर नीली बत्ती नजर आई थी। उनके रुख को देखते हुए एडीएम प्रशासन आरएन शर्मा की गाड़ी से भी दोपहर में नीली बत्ती हटवा दी गई।
राजनेताओं में मेयर शकुंतला भारती ने भी पहल करते हुए अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा ली। डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने कहा कि नीली बत्ती हटवाने के संबंध में अब तक शासन से कोई आदेश नहीं मिला है, लेकिन एक अच्छी पहल पर उन्होंने खुद ही नीली बत्ती हटवा दी है।