पार्षद और ठेकेदार के बीच होती नोकझोंक। स्रोत : वीडियोग्रैब
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अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) के तहत बन रही एक सड़क भ्रष्टाचार के आरोपों और आपसी टकराव का अखाड़ा बन गई है। स्वर्ण जयंती नगर को राजीव नगर से जोड़ने वाली इस सड़क पर शुक्रवार की शाम को उस वक्त मर्यादा की धज्जियां उड़ गईं, जब इलाके के पार्षद और ठेकेदार बीच सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज का एक वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
वायरल वीडियो में वार्ड नंबर 53 के पार्षद भूपेंद्र सिंह और ठेकेदार ढालू चौधरी के बीच हाई-वोल्टेज ड्रामा साफ देखा जा सकता है। ठेकेदार ढालू चौधरी का आरोप है कि पार्षद भूपेंद्र सिंह इस सड़क निर्माण को शांति से चलने देने के बदले कुल लागत का 5 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। रुपये न देने पर काम रोकने और भुगत लेने की धमकी दी जा रही है।
ठेकेदार ने इसकी आधिकारिक शिकायत एडीए के आला अधिकारियों से करते हुए सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। वीडियो में कमीशन की बातचीत के साथ-साथ पार्षद द्वारा ठेकेदार के लिए सरेआम अमर्यादित और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी सुना जा सकता है।
दूसरी ओर, इन आरोपों पर सफाई देते हुए पार्षद भूपेंद्र सिंह ने ठेकेदार के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्षद का तर्क है कि वह कोई उगाही करने नहीं, बल्कि जनता की शिकायत पर कमीशन नहीं सत्यापन करने गए थे।
स्थानीय निवासियों ने शिकायत की थी कि ऑक्सीजन पार्क और सीमा फार्म हाउस के सामने बन रही इस सड़क में मानकों की अनदेखी की जा रही है और बिना सरिया डाले ही घटिया निर्माण किया जा रहा है। जब वह मौके पर सबूत के तौर पर फोटो खींच रहे थे, तभी ठेकेदार ने उन पर हमला बोल दिया और मामले को भटकाने के लिए कमीशन का झूठा राग अलापने लगा।
एडीए के पाले में आई गेंद
हंगामे के बाद अब यह मामला अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) के दफ्तर पहुंच चुका है। एक तरफ जहां ठेकेदार ने कमीशनखोरी की शिकायत की है, वहीं पार्षद ने घटिया निर्माण की जांच के लिए एडीए को पत्र लिखा है। बहरहाल, विकास कार्य की इस जंग में सड़क बने, न बने, लेकिन सरेराह हुए इस तमाशे ने एडीए के निर्माण कार्यों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।