महानगर के रसलगंज चौराहे पर सोमवार देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान मुख्यमंत्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करना एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी को भारी पड़ गया। भाजयुमो महानगर अध्यक्ष सहित तमाम युवा भाजपाई एकत्रित होकर चौकी पहुंच गए और सीओ-कोतवाल आदि को बुलाकर पूरा मामला बताया।
हालांकि, इस दौरान यातायातकर्मी ने अपनी गलती पर माफी भी मांगी। मगर, भाजपाई तैयार नहीं हुए। बाद में फोन पर एसएसपी द्वारा जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर यह लोग माने।
वाकया इस तरह हुआ कि एक भाजयुमो कार्यकर्ता देर शाम चौराहे से बिना हेलमेट निकला तो वहां तैनात यातायात कर्मी रूप सिंह यादव ने चालान के नाम पर उससे 100 रुपये नकद मांगे। इस पर कार्यकर्ता ने उसकी बात युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष निखिल माहेश्वरी से कराकर बाइक छोड़ने की सिफारिश कराई।
इस पर निखिल ने चालान पर नकद रुपये मांगे जाने का नियम बंद होने पर एतराज जताते हुए सिपाही को फोन पर तर्क दिया तो आरोप है कि सिपाही ने यह कहा कि भाजपा की सरकार है तो खा जाओगे क्या, योगी की सरकार जब से बनी है, गुंडई हो रही है। योगी ने हर जगह गुंडई करा रखी है। इस पर निखिल माहेश्वरी भड़क गए और तुरंत कार्यकर्ताओं के साथ रासलगंज चौराहे पर पहुंच गए।
खबर पर वहां सीओ द्वितीय प्रशांत सिंह, कोतवाल रविंद्र दुबे भी आ गए। वहां बातचीत के दौरान सिपाही माफी मांगने लगा। बाद में सीओ ने निखिल माहेश्वरी की एसएसपी से बात कराई। उन्होंने जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब हंगामा शांत हुआ।
इसके बाद निखिल माहेश्वरी ने प्रकरण से विधायक द्वय संजीव राजा व अनिल पाराशर को भी अवगत कराया। इस दौरान मौके पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती भी पहुंच गईं। उन्होंने भी अधिकारियों को ऐसे कर्मचारी को तत्काल हटाने को कहा। इस मौके पर राजीव रज्जी, धीरज चौधरी, रामावतार शर्मा, राहुल चेतन, संदीप मित्तल, आदि थे।