सीमा टाकिज रेलवे क्रासिंग पर मंगलवार को ट्रेन की चपेेट में आकर दो गायों के चिथड़े उड़ गये और एक गंभीर रूप से घायल हो गई। तीन गायों के मुंह और कंधों पर चोट लगी थी, जो डर से वहां से भाग गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उस वक्त ट्रैक पर छह गायें घास चरने आ गई थीं। खबर मिलते ही कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह मौके पर पहुंचे और गाय का उपचार कराया। जिस गाय के कंधे और टांग के बीच गहरा जख्म हो गया था उसका ऑपरेशन कराने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में पशु अस्पताल भेजा गया है। जिन दो गायों के चिथड़ों के वजनी अवशेष मिले उन्हें वहीं पास में दफना दिया गया है। तीन गायें वहां से चली गईं थीं।
विधायक ने बताया कि शाम करीब 4.30 बजे सूचना मिली कि सीमा टाकिज के पास ट्रेन की चपेेट में आकर दो गायें जख्मी हो गई हैं। मौके पर देखा तो दो गायों के कुछ अवशेष थे और एक गाय की टांग लगभग कट कर लटक गई थी। नगर निगम और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीएस राजपूत को सूचित किया, लेकिन एक घंटे बाद भी उपचार की व्यवस्था नहीं हुई। फोन पर जब लेटलतीफी के लिए रोष व्यक्त किया गया तो पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. लालचंद कुशवाहा और डॉ. संदीप मिश्रा, नगर निगम से जेसीबी और टाटा मैक्स गाड़ी आयी।
डाक्टरों ने गाय को बेहोशी का इंजेक्शन दिया और टाटा मैक्स में लदवाया। उसे ऑपरेशन के लिए पशु अस्पताल भेजा गया। विधायक के साथ जिला उपाध्यक्ष सगीर अहमद, मुश्ताक अहमद, हकीमुद्दीन, बाबा फरीद आदि मौजूद रहे।
इस प्रकरण में पुलिस का बयान विरोधाभासी है। थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर ने बताया कि केवल एक गाय जख्मी हुई है। इंस्पेक्टर बन्ना देवी ने बताया कि तीन गायें रेलवे ट्रैक पर थीं और दो ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गईं। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने भी इस प्रकरण से अनभिज्ञता जाहिर की है जबकि ट्रेन के इंजन में गाय के फंस जाने से कई बार हादसे हो चुके हैं।
भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सरास्वत ने बताया कि इस घटना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मेयर शकुंतला भारती ने कहा कि उन्हें कोई खबर नहीं मिली क्योंकि दोपहर साढ़े तीन बजे से उन्हें बुखार आ रहा था, रात दस बजे उनकी तबियत ठीक हुई है।