इस मार्ग को फोर लेन किए जाने की घोषणा वर्ष 2021 में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद ने कल्याण सिंह के देहांत के बाद उनके त्रयोदशी संस्कार के समय आगमन पर की थी। इसके बाद इसका बजट प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा गया। मगर किन्हीं कारणों से वापस कर दिया गया। फिर से गए प्रस्ताव को नई सरकार में स्वीकृति मिली। अभी तक वन विभाग द्वारा पेड़ काटे जाने का काम चल रहा था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग को निर्माण शुरू करना है। अब सीएम द्वारा लोकार्पण के बाद जल्द निर्माण शुरू कराने की योजना है। इसके अलावा शहर को पेयजल पुनर्गठन योजना, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, अतरौली में सडक़, डिग्री कॉलेज आदि परियोजनाएं प्रमुख हैं।
बारिश का अंदेशा, वाटर प्रूफ होगा पांडाल
सीएम के आगमन को लेकर रविवार की सुबह डीएम संजीव रंजन-एसएसपी संजीव सुमन ने सभी विभागों के अधिकारियों संग मीटिंग की। जिसमें तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। इसके बाद अधिकारी दोपहर में आईटीआई व नुमाइश परिसर का जायजा लेने पहुंचे। जहां सुरक्षा इंतजाम व अन्य व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद शाम को कार्यक्रम जारी होने व प्रदेश स्तर से वीसी होने के बाद देर शाम फिर डीएम-एसएसपी सहित सभी अधिकारी आयोजन स्थल गए। जहां बारिश के अंदेशे को ध्यान में रखकर वाटर प्रूफ पांडाल बनवाने के निर्देश दिए। इसमें बताया गया कि सीएम आयुष्मान योजना व पीएम युवा योजना के लाभार्थियों को भी लाभ वितरित करेंगे। उनकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जाएं। साथ में कुछ बच्चों को अन्न प्रासन्न भी कराया जाएगा। इसके बाद नगर निगम ने सफाई के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग ने पांडाल व हेलीपेड बनाने का काम शुरू करा दिया।
सीएम के आगमन को लेकर एसएसपी ने भी व्यवस्थाएं देखते हुए तीन जगहों पर सुरक्षा प्रबंध के निर्देश दिए। उसी अनुसार दो कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरएएफ मांगी गई है। इसके अलावा खुद सीएम कार्यालय से एनएसजी व निजी सुरक्षा के कमांडो यहां सोमवार शाम तक पहुंच जाएंगे। एसपी सिटी, एसपी देहात व एसपी यातायात को तीनों जगहों के लिए सुरक्षा प्रबंध करने को लगाया गया है। जिसमें पार्किंग, यातायात व आयोजन स्थल सुरक्षा प्रबंध करने को कहा है।
जनप्रतिनिधियों से संवाद को लेकर अफसर चिंतित
सीएम के इस कार्यक्रम में उनका जिले के जनप्रतिनिधियों से संवाद भी रखा गया है। इसके पीछे का मकसद बताया गया है कि जिन जिलों या मंडलों में शिकायतें अधिक हैं, वहां सीएम पहुंचकर खुद समीक्षा के साथ साथ जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। अपने जिले से स्वास्थ्य, बिजली व नगर विकास से जुड़ी शिकायतें अधिक हैं। इसके चलते अधिकारी अभी से चिंतित हैं।