इस तिलक समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, पूर्व डिप्टी सीएम डा.दिनेश शर्मा, प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मनोज सिंह, पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह, प्रदेश में मंत्री लक्ष्मीनारायण सिंह, असीम अरुण, संदीप सिंह, अमित चौहान, आशीष पटेल, नरेंद्र कश्यप, दिनेश प्रताप सिंह, धर्मपाल सिंह, पूर्वांचल से विधायक अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, पूर्व विधायक संगीत सोम के अलावा स्थानीय नेताओं में हाथरस सांसद अनूप प्रधान सहित अलीगढ़ व आसपास के जनपदों से अनगिनत सियासी कद्दावर, पूर्व व वर्तमान जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
दिन भर उमड़ी रही भीड़
इस आयोजन में जिले व आसपास के लोगों को निमंत्रण था। इसके चलते 11 बजे के बाद से ही दिन में लोगों का आना शुरू हो गया था। 1 बजे तक तो लोग मुख्यमंत्री को देखने के लिए भारी संख्या में जमा हो गए थे। इसके बाद भीड़ का यह क्रम टूटा नहीं। देर शाम तक चलता रहा। वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, कमिश्रर संगीता सिंह, डीएम संजीव रंजन, एसएसपी नीरज जादौन की अगुवाई में पूरा अमला भी व्यवस्थाओं में लगा रहा।
अनूपशहर रोड पर रविवार को बड़ा सियासी जमावड़ा रहा। तिलक समारोह के आयोजन के चलते सुबह से देर रात तक यहां भीड़ रही। पुलिस भी वीवीआईपी मूवमेंट व भीड़ को संभालने में पसीने छोड़ती रही, हालांकि भारी वाहनों की आवाजाही बंद रहने के चलते जाम नहीं लगा। मगर भीड़ रात तक रही। दिन भर में कई हजार की भीड़ के यहां आने जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
सीएम की झलक पाने के लिए बेताब रहे लोग
जिस समय तिलक समारोह में सीएम आए। उस समय गेस्टहाउस में वीवीआईपी के अलावा किसी अन्य को प्रवेश नहीं था। सभी को दावत वाले स्थान पर ही प्रवेश था। इसके चलते भीड़ दावत वाले स्थान पर जमा रही। सीएम के उस भीड़ के बीच बने मंच पर आने व उनकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहे। जब सीएम आए तो उनसे बोलने को भी कहा गया। मगर सीएम सिर्फ अभिवादन कर चले गए।