रामघाट रोड पर क्वार्सी थाने के पास रोड में हो रहे गढढों से बचकर निकलते वाहन।
- फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक पूरे प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का फरमान जारी किया है। जिन शहरों में सड़कों की हालत कुछ ठीक है वहां तो ये आदेश अमल में आ सकता है, लेकिन अलीगढ़ जैसे शहर में इसका पूरा होना नामुमकिन सा है, क्योंकि इस जिले की 50 से ज्यादा सड़कों में चलने के लिए गड्ढों के बीच से रास्ता ढूंढना पड़ता है।
पीडब्ल्यूडी के अफसर भी चकराए घूम रहे हैं कि आखिर 76 दिन के मामूली वक्त में 500 किमी लंबाई की 50 सड़कों को कैसे ठीक किया जा सकेगा..? हम आपके सामने जिले की 425 किमी लंबी 34 प्रमुख जर्जर हाल सड़कों का संक्षिप्त ब्यौरा दे रहे हैं।
कुल मिला कर ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा लेकर यूपी की सत्ता हासिल करने वाली भाजपा सरकार के लिए ये विकास बहुत बड़ी चुनौती है। पीएम मोदी ने बीती 6 फरवरी को अलीगढ़ की जनसभा में ‘विकास’ का अर्थ विद्युत, कानून और सड़क बताया था, लेकिन योगी सरकार के शपथ ग्रहण के 13 दिन बाद अभी तक कहीं सुधार होना तो दूर की बात, इसकी कोई प्लानिंग तक नहीं बनी है।
वो भी तब, जब अलीगढ़ की सातों विधानसभा में भाजपा के विधायक जीते हैं। सबसे ज्यादा खराब हालात अतरौली की सड़कों की है। जहां से पूर्व सीएम कल्याण सिंह के पौत्र विधायक संदीप सिंह योगी सरकार में राज्यमंत्री बने हैं। बहरहाल, आज दो अप्रैल को संदीप सिंह के मंत्री बनने के बाद प्रथम आगमन पर जोरदार स्वागत की तैयारी है। सड़कों पर कई तोरण द्वार बने हैं, लेकिन राज्यमंत्री का काफिला भी गड्ढों से ही गुजरेगा...?
पलवल-टप्पल-अलीगढ़ रोड की 77 किमी लंबी सड़क को फोर लेन बनाने के लिए 552 करोड़ रुपये मंजूर हो चुके हैं। अमित टेड्रर्स को ये काम दिया गया है। इसके अलावा हमने 77 सड़कों के प्रस्ताव बनाए हैं। जिनको जल्द ही मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
- प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी