सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी से जीपीएफ भुगतान के एवज में छह हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए बाबू आशीष माथुर को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद अब पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और रिश्वत की मांग से संबंधित तथ्यों की जांच में जुटी है।
विभागीय स्तर पर भी आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। गांधी पार्क क्षेत्र निवासी भूप सिंह जून में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका करीब 2.98 लाख रुपये का जीपीएफ भुगतान लंबित था। आरोप है कि सिविल लाइन स्थित सिंचाई विभाग कार्यालय में तैनात आशीष माथुर ने फाइल क्लीयर कराने के बदले छह हजार रुपये मांगे थे।
शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार को जाल बिछाकर आरोपी को रुपये लेते पकड़ लिया था। एंटी करप्शन थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि कार्रवाई के बाद सिविल लाइन थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। इधर, विभागीय अधिकारियों की ओर से आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट और गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों का परीक्षण कराया जा सकता है। पुलिस एंटी करप्शन टीम से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना करेगी।