प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पोस्टर पर सफाईकर्मी द्वारा पोती गई कालिख।
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ग्राम पढ़का सुल्तान में गांव के बाहर लगे बिजली विभाग के योजनाओं से संबंधित पोस्टर में लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोस्टर पर गांव के ही सफाईकर्मी ने कालिख पोत दी। इससे गांव में तनाव फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी सफाईकर्मी को पकड़ लिया और थाने ले गई। बाद में ग्रामीणों द्वारा सफाईकर्मी की अज्ञानता का हवाला देते हुए उसे छोड़ने की गुजारिश की। पुलिस ने इसे मान लिया। अब इस पोस्टर से कालिख मिटवा कर उसे पालीथिन से ढंक दिया गया है।
यह था मामला
दिनेश वाल्मीकि गांव पढका सुल्तानपुर के प्रधान हैं। बताया जाता है कि उन्होंने आचार संहिता के चलते हटाए जा रहे राजनीतिक दलों के पोस्टर बैनरों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत गांव के सफाई कर्मचारी सतेंद्र को आदेश दिया कि वह गांव के बाहर लगे बिजली विभाग के योजनाओं से संबंधित पोस्टर पर पेंट कर दो। सफाई कर्मचारी ने अज्ञानता वश जाकर उस पोस्टर में लगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर पर कालिख पोत दी। इसकी सूचना मिलते ही गांव में तनाव उत्पन्न हो गया। किसी ने इसकी सूचना 100 नंबर को दी। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और सफाई कर्मचारी व ग्राम प्रधान को थाने ले आयी।
प्रधान से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसे हलका लेखपाल ने कहा था कि सभी राजनैतिक दलों के पोस्टरों को पुतवा दो। जिनमें किसी भी राजनेता का चित्र छपा हो। गांव के बाहर बिजली विभाग का होर्डिंग लगा था। उसने सफाईकर्मी को उसे पुतवाने को कहा। उसने अज्ञानतावश उस होर्डिंग पर लगे मोदी व योगी के चित्र पर काला रंग पोत दिया। बाद में ग्रामीणों के आग्रह के बाद सफाईकर्मी को छोड़ दिया गया है। रंग साफ कराकर उसे पालीथिन से ढ़ंकवा दिया गया है।
- रंजीत सिंह एसडीएम कोल
यह है नियम
एसडीएम कोल ने बताया कि आचार संहिता के अनुसार यदि किसी पोस्टर, बैनर अथवा होर्डिंग में सरकारी पैसा लगा हो, उसे या तो चुनावी आचार संहिता के दौरान खुलवा कर रखा जा सकता है या फिर उसे पालीथिन वगैरह से ढंका जा सकता है। कालिख वगैरह नहीं पोती जा सकती है।