दिल्ली एवं एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के \चलते हो हल्ला मचा हुआ है। यहां वायु प्रदूषण का ग्राफ \ निरंतर बढ़ रहा है। हालांकि अलीगढ़ में फिलहाल सामान्य स्थिति है और वायु प्रदूषण निर्धारित मानकों के आसपास है। इस स्थिति को बनाए रखने के लिए प्रशासन जीतोड़ कोशिशें कर रहा है।
डीएम के आदेश पर एसडीएम, डीआईओएस एवं बीएसए स्कूल कॉलेजों में विद्यार्थियों को आतिशबाजी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहे हैं तो उन्हें इस बार दीपावली पर कम अथवा जरूरत के हिसाब से आतिशबाजी चलाने की सलाह दी जा रही है। इधर प्रदूषण नियंत्रण विभाग भी महानगर में विभिन्न स्थानों पर उपकरण लगाकर वायु प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखे हुए है। बताते चलें कि अक्तूबर माह में जिले में वायु प्रदूषण का स्तर 165 है। यानी कि पीएम 10 मानकों के आसपास।
पीएम 10 यानी कि पर्टीकुलेट मैटर
पीएम 10 को रेस्पायरेबिल पर्टिकुलेट मैटर कहा जाता है। कणों का आकार 10 माइक्रोमीटर होता है। धूल, गर्द और सूक्ष्म कणों से मिलकर पीएम 10 की मानीटरिंग की व्यवस्था प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास नहीं है। इसका सामान्य स्टेंडर्ड स्तर 100 घन मीटर क्यूब माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञ 160 से 170 माइक्रो ग्राम क्यूबिक घन मीटर को मानव स्वास्थ्य के लिए ठीक मानते हैं। इसकी मात्रा 200 या उससे अधिक खतरनाक स्थिति है।
वर्तमान में वायु प्रदूषण पर निरंतर नजर रखी जा रही है। विभाग ने सीमित संसाधनों के हिसाब से महानगरीय क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर उपकरण लगा दिये हैं। कोशिश की जा रही है कि दीपावली पर वायु प्रदूषण न बढ़ सके। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जागरूकता अभियान चल रहे हैं।
रामगोपाल, जिला प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी