कस्बे में एक झोलाछाप के इलाज से एक सात वर्षीय बच्चे अवि कुमार की तबीयत बिगड़ गई।उसे दौरे पड़ने लगे। उसकी आंखों की रोशनी चली गई। हालत बिगड़ने परिजन उसे लेकर ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में पहुंचे, यहां उसका उपचार चल रहा है। परिजनों जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई है, साथ ही थाने पर भी इस संबंध में तहरीर दी है।
कस्बे के मोहल्ला पल्लेदारपाड़ा निवासी बच्चे के चाचा लेखराज के अनुसार गत 17 जून को उनके भतीजे अवि कुमार पुत्र जहारिया के पेट में अचानक दर्द हुआ था। परिजन उसे इलाज के लिए कस्बा टप्पल में बाजता मार्ग पर स्थित एक क्लीनिक पर ले गए और दवा दिलाई। लेखराज का आरोप है कि घर पर बच्चे के दवा खाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसे दौरे पड़ने लगे। उसे दिखाई देना बंद हो गया। वह फिर से क्लीनिक पर पहुंचे तो झोलाछाप ने कहा कि वह बच्चे को किसी बड़े अस्पताल ले जाए, इलाज का खर्च वह देगा। इसके बाद वह क्लीनिक बंद कर भाग गया। परिजन को पहले जेवर के एक निजी अस्पताल ले गए, वहां सुधार नहीं होने पर ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि इलाज का खर्च देने से भी इन्कार कर दिया। टप्पल थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि अभी शिकायत की जानकारी नहीं है। यदि तहरीर दी गई तो उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।