फादर्स डे पर रविवार को अमर उजाला की ओर से आयोजित ‘मेरे पिता, मेरे अभिमान’ कार्यक्रम में तमाम अनकही बातें सामने आयीं जो कभी पिता ने अपने पुत्र को न बताई होंगी। मगर, माहौल और मंच को देखकर बरबस उनकी जुबां पर बातें आ ही गईं। शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं कारोबारी अपने बच्चों के हाथों सम्मान पाकर भावुक हो उठे। बोले, जीवन में कभी कल्पना नहीं की थी कि ऐसे मंच पर अपने बेटे के हाथों सम्मान मिलेगा। उन्होंने अपने बच्चों को तमाम सीखें भी दीं। उन्होंने कहा की पिता संघर्ष का एक नाम है। जीवन में तमाम उतार-चढ़ाव आते हैं मगर वो कभी हार नहीं मानता। भले ही उसे अपने जीवन में कितने भी कष्ट क्यों न उठाने पड़ जाएं, मगर अपने बच्चों को कभी तकलीफ नहीं होने देता। भले ही हमारी उम्र बढ़ गई हो मगर अमर उजाला के इस कार्यक्रम में एक ऐसी शक्ति मिली है कि मानो दोनों पंख फैलाकर आसमान में एक नई उड़ान भर ली हो। समारोह में प्रश्न मंच भी रखा गया था जिसमें सही जवाब देने वालों को पुरस्कृत भी किया गया। समारोह में शहर के ऐसे पिताओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने जिंदगी में न केवल संघर्ष कर मुकाम हासिल किया बल्कि अपने बच्चों को भी इस काबिल बनाया कि आज शहर के प्रतिष्ठित कारोबारियों में उनकी गिनती होती है।
पिता से बड़ा जीवन में कोई सलाहकार नहीं : डीएम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि अमर उजाला का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि परिवार एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो आपसी सहयोग व समन्वय से क्रियान्वित होती है। जिसके सभी सदस्य आपस में मिलकर अपना जीवन प्रेम, स्नेह एवं भाईचारे के साथ निर्वहन करते हैं। संस्कार, मर्यादा, सम्मान, समर्पण, आदर, अनुशासन किसी भी सुखी संपन्न एवं खुशहाल परिवार के गुण होते हैं। कहते है कि परिवार से बड़ा कोई धन नहीं होता और पिता से बड़ा कोई सलाहकार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि संस्कार व सम्मान देने की परंपरा शुरू से है। बच्चा जन्म लेने के बाद जैसे -जैसे विकसित होता है उसे माता-पिता व परिवार से श्रेष्ठ संस्कार मिलने शुरू हो जाते हैं। पिता मां के सहयोग से संतान की जिम्मेदारी निभाता है। उन्होंने कहा कि आज दौर बदल रहा है और संयुक्त परिवार की परंपरा समाप्त होती जा रही है। इससे करीबी रिश्ते चाचा, ताऊ, बुआ, भतीजा आदि बदलते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बच्चे अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभा रहे हैं और अपने माता - पिता के सपनों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने अपील की कि माता-पिता अपने बच्चों पर पूरा ध्यान दें। बच्चे क्या कर रहे हैं? उनकी संगत कैसी है? उनका व्यहार कैसा है उस पर ध्यान दें। कुछ भी गलत लगने पर उसे टोंके जरूर, ताकि बच्चा संस्कारित होने के साथ ही अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर हो सके। बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार भी रखें। डीएम ने कार्यक्रम में आए सभी पिताओं को फादर्स डे की शुभकामनाएं दी।
पिता के सपनों को पूरा करने का लक्ष्य तय करें : एडीएम सिटी
विशिष्ट अतिथि एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि हर मां-बाप का सपना होता है कि उसके बच्चे आगे चलकर उनका नाम रोशन करें। इसलिए बच्चों का भी फर्ज है कि उनके मान-सम्मान को बचाने और उनके सपनों को पूरा करने का लक्ष्य तय करें। जिससे वे जीवन में एक सफल इंसान बन सकें। उन्होंने कार्यक्रम के लिए अमर उजाला परिवार को बधाई देते हुए ऐसे आयोजन कराते रहने का सुझाव रखा।
इनका हुआ सम्मान
समारोह में डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने शहर के केएस मॉल के राजीव अग्रवाल- शशांक अग्रवाल, अलीगढ़ ऑटो के संजय सिंह- दुष्यंत प्रताप सिंह, ग्रीन व्यू रिसोर्ट्स के शिव कुमार गुप्ता- संजीव वार्ष्णेय, एलाइड इंडिया के रमन गोयल- अंकित गोयल , छप्पन भोग के हरिओम शर्मा- सुमित शर्मा, विजडम पब्लिक स्कूल के प्रमोद गुप्ता- नितिन अग्रवाल, सनराइज होम्स के ठा. दीपेंद्र पाल सिंह- मुदित प्रताप सिंह, दिनेश ज्वेलर्स के दिनेश गुप्ता- प्रियांक गुप्ता, प्लस प्वाइंट के राजीव अग्रवाल- अनिकेत अग्रवाल, मिल्क बार के प्रदीप गुप्ता- आशीष अग्रवाल, भगवान दास हॉस्पीटल के मुल्कराज यादव- मनीष यादव, मित्तल टिंबर के दीपक मित्तल- चिराग मित्तल, एटी न्यूज के विवेक वार्ष्णेय- माधव वार्ष्णेय शामिल थे। कार्यक्रम के डिजीटल पार्टनर एटी न्यूज थे। संचालन एंकर नीतू सारस्वत ने किया।