लवी जब दो साल का था तब वह जल गया था। इससे शाैच के रास्ते में खाल आ जाने से उसे काफी परेशानी होती है। इसको लेकर अस्पताल में दिखाया गया तो चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कही। लवी का ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दाैरान इंजेक्शन लगाने या कोई अंदरूनी नस कट जाने से उसकी तबीयत बिगड़ गई।
अलीगढ़ में थाना बन्नादेवी क्षेत्र के बराैला बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में 17 नवंबर को बालक की ऑपरेशन के दाैरान माैत हो गई। इसको लेकर गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। देर रात तक वे अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल में डटे रहे।
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थाना गभाना क्षेत्र के गांव हुर्सेना निवासी नरेंद्र कुमार एटा के गंजडुंडवारा में अपनी बहन के यहां रहकर चाट की ठेल लगाते हैं। नरेंद्र के ससुर श्रीपाल हलवाई निवासी बराैला, बन्नादेवी ने बताया कि नरेंद्र के 10 वर्षीय बेटे लवी को सोमवार को बराैला बाईपास स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था।
लवी जब दो साल का था तब वह जल गया था। इससे शाैच के रास्ते में खाल आ जाने से उसे काफी परेशानी होती है। इसको लेकर अस्पताल में दिखाया गया तो चिकित्सक ने ऑपरेशन की बात कही। 17 नवंबर शाम करीब चार बजे लवी का ऑपरेशन किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के दाैरान इंजेक्शन लगाने या कोई अंदरूनी नस कट जाने से उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद चिकित्सक व स्टाफ ने उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया और खुद वहां से गायब हो गए।
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जब वे दूसरे अस्पताल में पहुंचे तो उन्होंने लवी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन वापस बराैला बाईपास स्थित अस्पताल में आ गए। जहां उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की खबर पर इलाका पुलिस पहुंच गई। परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। इस संबंध में सीओ बन्नादेवी कमलेश कुमार ने बताया कि मामले में परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।