मनोज उर्फ गोलू के नाना रमेश चंद के अनुसार उसका पास के ही एक स्कूल में शनिवार को एडमिशन कराया गया था। इसके बाद से मनोज बहुत खुश था। बारिश में पता नहीं कब गोलू अपने दोस्तों के साथ खेलने चला गया। उन्हें हादसे के बाद इसकी जानकारी मिली।
पोखर की हो गई होती सफाई तो नहीं होता हादसा
वार्ड 16 के पार्षद आजाद सूर्यवंशी का आरोप है कि पिछले डेढ़ साल से वह पोखर की साफ सफाई के लिए नगर निगम के अधिकारियों से पत्र व्यवहार करने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से मिलकर समस्या के समाधान की मांग करते चले आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पोखर की सफाई न होने के कारण अन्य जगहों में गांव और बारिश का पानी भर गया है। इसके बाद भी अभी तक पोखर की सफाई नहीं हुई है। क्षेत्रीय पार्षद का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी मामला स्वास्थ्य विभाग और जलकल विभाग का बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं । अगर नगर निगम के अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो शायद यह हादसा नहीं होता। इसके लिए नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह से जिम्मेदार हैं।