विजयगढ़ कस्बे में जाहरवीर मेेले में 18 अगस्त रात 40 फीट ऊंचे झूले पर बैठी महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने झूले पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। महिला के साथ बैठे परिजनों और अन्य लोगों ने शोर मचाकर झूला रुकवाया, लेकिन तब तक नवजात की मौत हो चुकी थी। महिला को उप स्वास्थ्य केंद्र पर प्राथमिक उपचार देने के बाद घर भेज दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार शिवानी पत्नी पूरन निवासी मानिकपुर 18 अगस्त रात नौ बजे परिवार के साथ मेला देखने के लिए आई। वह गर्भवती थी और प्रसव का समय भी नजदीक था। परिवार ने पहले जाहरवीर बाबा के दर्शन किए और चंदन चूरा लेपकर मन्नत मांगी। बताया जा रहा है कि महिला को पहला बच्चा होने वाला था और उसके लिए ही परिवार मन्नत मांगने आया था।
पूजा के बाद रात करीब 10 बजे शिवानी और परिवार के लोग झूले में बैठ गए। झूले ने रफ्तार पकड़ी तो वह घबरा गई और उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। झूले में ही उसने बच्चे को जन्म दिया और उसकी मौत हो गई। परिजन महिला को लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। फिलहाल महिला स्वस्थ है और परिजन उसे व नवजात का शव लेकर घर चले गए।
जिला महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंचल वार्ष्णेय ने बताया कि डर और झूला झूलने के दौरान झटके लगने की वजह ऐसा हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को प्रसव का समय नजदीक आने पर घूमने-फिरने, भारी काम करने और सीढ़ियां चढ़ने से भी मना किया जाता है। ऐसे समय में उन्हें आराम करना चाहिए, साथ ही चिकित्सीय परीक्षण भी कराते रहना चाहिए।