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भीषण गर्मी से बच्ची और महिला की मौत

Wed, 10 May 2017 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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भीषण गर्मी का कहर बच्चों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। इसके चलते मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती एक बच्ची और महिला की मौत हो गई। इस सीजन में गर्मी से मृत्यु होने का यह पहला मामला प्रकाश में आया है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ ने सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी पर अलर्ट जारी कर दिया है। 
जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बेड संख्या तीन पर सराय हकीम निवासी समीना (3) को गर्मी  के चलते बीमार होने के कारण भर्ती कराया गया था। उसका उपचार चल रहा था लेकिन मंगलवार को उसकी मौत हो गई। इसी प्रकार गर्मी के चलते बन्ना देवी निवासी महिला लीलावती की हालत भी बिगड़ गई। उसे भी अस्पताल लाया गया लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला तो पहले ही बीमार थी। गर्मी से तो उसकी हालत और बिगड़ गई। 

पारा 40 के पार ही रहेगा
मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर रहा। अभी तापमान में नरमी के कोई संकेत दिखायी नहीं दे रहे हैं। अधिकतम तापमान की बात करें  तो बुधवार को 42, गुरुवार को 42, शुक्रवार को 43, शनिवार को 44, रविवार को 44 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच सकता है। तापमान के इस मिजाज को देखते हुए सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल कहते हैं कि बचाव ही उपाय है।  
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बिजली की मांग बढ़ी
भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में भी इजाफा हुआ। मुख्य अभियंता बीएस गंगवार कहते हैं कि अभी तक आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं आ रही है। ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए कूलर रखवा दिए गए हैं जिससे वह हीट नहीं हों। लेकिन इसके बाद भी मंगलवार को शहर में कई जगहों पर बिजली संकट रहा। बारहद्वारी पर 33 केवी सब स्टेशन पर मेंटीनेंस के काम के चलते बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा सारसौल से जुड़े सब स्टेशनों और इससे जुड़े इलाकों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। मेंटीनेंस के काम के चलते जमालपुर और सिविल लाइन के इलाकों में भी आपूर्ति बाधित रही। 

गर्मी में सड़कों स्ट्रीट फूड से बचें
सड़कों पर बिक रहे कुछ  शीतल पेय गर्मी से राहत देने की बजाय लोगों को बीमार कर रहे हैं। इन दुकानों पर साफ सफाई का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा है। सड़कों पर बिकने वाला गन्ने का रस, चाट  पकौड़ी आदि भी इस मौसम में सेवन करना जोखिम भरा हो सकता है। तस्वीर का दुखद पहलू यह है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी की उदासीनता से इन स्ट्रीट वेंडरों पर कोई लगाम नहीं है। महापौर शकुंतला भारती ने बताया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कार्यशैली की लगातार शिकायतें मिल रही हैं लेकिन वह अपनी आदतों में सुधार नहीं कर रहे हैं। 
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