आईटीआई और तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड उपलब्ध न होने पर प्रदेश सरकार ने गभना तहसील के ख्यामई गांव की 48 हेक्टेयर जमीन में नया औद्योगिक आस्थान स्थापित करने का निर्णय ले लिया है। इसके लिए जमीन भी खरीद ली गई है, अब इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संकेत मिले हैं कि जून तक इसके तैयार होते ही जुलाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के स्तर से इसका शिलान्यास हो जाएगा। उद्यमियों की मानें तो यह औद्योगिक आस्थान जिले के पुराने औद्योगिक आस्थानों से बेहतर होगा।
प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के ताला उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 50 साल पहले आईटीआई औद्योगिक आस्थान की स्थापना की थी। 1980 के बाद यहां उद्योगों के लिए जमीन नहीं रही। 90 के दशक में कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री बनने पर अतरौली रोड पर तालानगरी के नाम से नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हो गया। यहां पर भी अब उद्योगों के स्थान नहीं बचा है, इसलिए प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए गभाना के ख्यामई गांव का चयन किया है। यह स्थान दिल्ली और इंटरनेशन एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण पूर्व के दो आस्थान से बेहतर स्थान है।
जिला प्रशासन ने ख्यामई के किसानों की 48 हेक्टेयर जमीन को खरीद कर एमएसएमई को सौंप दिया है। यहां पर जल्द से जल्द नए उद्योगों को स्थापित करने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है। जिसमें यह प्रयास होगा कि कम जगह में उद्योग स्थापित हों और वह बेहतर तरीके से उत्पादन कर सकें। साथ ही उन्हें उत्पादन के लिए अच्छा माहौल मिले, इसी को ध्यान में रखकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने की जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी को सौंपी गई है।
उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीपीआर में यह किया जाएगा कि यहां पर कितने उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं। उन्हें क्या और क्या बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की राय ली जा रही है। यह औद्योगिक आस्थान प्रदेश के लिए नया प्रयोग होगा। 100 दिन में उद्योग और रोजगार कार्यक्रम के तहत इसका शिलान्यास सीएम से कराने की तैयारी है।
ख्यामई में नया औद्योगिक आस्थान प्रदेश का मॉडल होगा। जिसकी डीपीआर तैयार की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो जुलाई के महीने में मुख्यमंत्री इसका शिलान्यास कर सकते हैं। श्रीनाथ पासवान, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र
मिर्जापुर और अतरौली में लगेंगी फ्लैट फैक्टरी
मिर्जापुर और अतरौली में 10 - 10 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में फ्लैट फै क्टरी स्थापित की जाएंगी। इसके लिए जमीन को अंतिम रूप दे दिया गया है। पनैठी में भी इसी तरह फ्लैट फैक्टरी स्थापित की जानी थी लेकिन वहां जमीन के विवाद के कारण इस प्रोजेक्ट को टालना पड़ा है। कई मंजिला इन फ्लैट में कम रुपयों में युवक फैक्टरी स्थापित कर सकेंगे। यह फ्लैट उन्हें सस्ते किराए पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जब भी फैक्टरी बंद करनी हो तब वह युवक फ्लैट को छोड़ सकेंगे।
छोटे स्तर पर अलीगढ़ में ताला, हार्डवेयर तथा अन्य उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार पांच लाख तक का ऋण लेने वाले युवकों को किराए पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगी । साथ ही उसी कैंपस में सभी विभागों की एनओसी आदि की सुविधा मिलेगी। इसके लिए विभाग कैंप लगाएंगे। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्रीनाथ पासवान का कहना है कि भूमि का चयन हो गया है। इसी साल में फैक्टरी के लिए विभाग द्वारा निर्धारित डिजायन के अनुसार फ्लैट का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। जिन्हें अप्रैल 2023 तक बनाने का लक्ष्य है ताकि आगामी वित्तीय वर्ष से उनमें उद्योग स्थापित कराए जा सकें।