टीकाराम मंदिर में छठ पूजन करती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
छठ पूजा के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने अलख सुबह उदय होते सूर्य को उषा अर्घ्य देकर अपने व्रत का पारण किया। ब्रह्म बाबा (पीपल का पेड़) की भी पूजा की गई। पारण क्रिया के तहत कच्चे दूध का शर्बत पीकर व थोड़ा प्रसाद खाकर व्रत को पूर्ण किया। महिलाओं ने रिश्तेदारों, अपने व्यवहारियों को प्रसादी वितरण कर शुभकामनाएं दीं।
ऊषा अर्घ्य देने के लिए शहर के सेंटर प्वाइंट स्थित टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर पर बनाए गए घाट पर सुबह चार बजे से ही व्रती महिलाएं परिवार सहित पहुंची। महिलाओं तथा परिजनों ने सुबह साढ़े छह बजे के लगभग छठ पूजा के लिए बनाए गए ठेकुआ, चावल के लड़ुआ, सांचा और फल को बांस की टोकरी में रखकर सूप से सूर्य को अर्घ्य दिया। आरती, पूजा, लोक गीत गाकर सूर्य भगवान से सुख समृद्धि की कामना की। सभी परिवारों ने सामूहिक रूप से एक दूसरे को प्रसादी बांटी।
युवाओं ने अपने परिजनों के साथ खींचे हुए छठ पूजा के फोटो सोशल मीडिया पर साझा किए। शाम तक सभी परिवारों ने दूर दराज के रिश्तेदारों को फोन पर व आस पड़ोस के व्यवहारीजनों के यहां पहुंचकर शुभकामना संदेश दिए। वहीं कई परिवारों ने ढोल ताशे बजवाकर नाच गाना किया। टीकाराम मंदिर में भी महिलाओं ने नृत्य किया।