अलीगढ़ में छर्रा के दिव्या हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस अवैध अस्पताल की शिकायत की गई थी। उन्होंने डीएम इंद्रविक्रम सिंह को कार्रवाई का निर्देश दिया था। यह अस्पताल भाजपा के एक पूर्व नेता ने खोला था, जिसे दो महीने पहले भी सील किया गया था। यहां केवल प्रसव संबंधी मामलों के मरीजों को भर्ती किया जाता था।
डीएम ने अपर जिलाधिकारी नगर अमित भट्ट को कार्रवाई का आदेश दिया। इसके बाद उपजिलाधिकारी अतरौली अनिल कटियार ने नायाब तहसीलदार मंयक गोयल को निरीक्षण के लिए भेजा। नायाब तहसीलदार अतरौली मंयक गोयल, कोतवाली निरीक्षक बालेंद्र सिंह व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. कुशलपाल सिंह ने औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कोई भी चिकित्सक मौके पर उपस्थित नहीं मिला। न कोई पैरामेडिकल स्टॉफ उपस्थित मिला। बायोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट नहीं किया जा रहा था। अस्पताल संचालन के संबंध में कोई कागजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। ऑपरेशन थिएटर बंद कमरे में था। उपस्थित कर्मचारी से कमरे को खोलने के लिए बोला गया तो उसने चाभी नहीं दी। इसके बाद अस्पताल को सील कर करने का नोटिस दिया गया। नोटिस में तीन दिन के अंदर अस्पताल प्रबंधन से अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
उल्लेखनीय है कि दो माह पूर्व भी इस अस्पताल को सील किया गया था, लेकिन एक दिन बाद ही सील खुलवा दी गई थी। नगरवासियों व ग्रामीणों का आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग के जनपद स्तर के अधिकारियों का अस्पताल को सानिध्य प्राप्त था। कई बड़े अधिकारी इसी अस्पताल में आते थे। इसी अस्पताल के सामने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है।