छर्रा में गांव छौगवां के पंचायत सचिवालय में बिजली का मीटर लगाए बिना ही विद्युत निगम ने बिल जारी कर दिया। बिल में 72 यूनिट बिजली की खपत दर्शाकर 1,825 रुपये जमा करने की अवधि भी दे दी गई। ग्राम पंचायत प्रशासक अमित राना ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अमित के अनुसार, पंचायत सचिवालय में बिजली कनेक्शन के लिए 2025 में ऑनलाइन आवेदन किया गया था। विभाग के एस्टीमेट के तहत पांच अगस्त 2025 को 81,685.48 रुपये जमा किए गए। इसके बावजूद न तो बिजली की लाइन डाली गई और न ही मीटर लगाया गया।
आरोप है कि विभागीय अभिलेखों में कार्य पूरा दर्शाते हुए कंप्लीशन रिपोर्ट और निरीक्षण आख्या तैयार कर दी गई। इसके बाद 24 जून से 11 अगस्त 2026 तक की अवधि का बिल जारी किया गया। इसमें 72 यूनिट खपत दर्शाई गई है। बिल पर मीटर संख्या भी दर्ज है, जबकि मौके पर मीटर लगा ही नहीं है। ग्राम प्रशासक ने संबंधित जेई, एसडीओ, लाइनमैन और ठेकेदार की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दोषी मिलने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने, अधूरे विद्युतीकरण का काम पूरा कराने तथा गलत बिल निरस्त करने की मांग उठाई है।
पंचायत सचिवालय पर 17 अक्तूबर 2026 को मीटर लगा दिया गया है। विभाग की ओर से जारी बिल को पत्र भेजकर ठीक कराया जाएगा। - मनोज कुमार, एसडीओ।
भुगतान के बाद भी नहीं हुआ काम
पंचायत सचिवालय में बिजली कनेक्शन के लिए करीब 81.69 हजार रुपये जमा किए गए। इसके बाद भी लाइन और मीटर नहीं लगा। अब बिना मीटर के बिजली खपत दर्ज कर बिल जारी होने पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम प्रशासक ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।